संवाददाता- जाकिर अली
गोरखपुर। महानगर की यातायात व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़, सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से मंगलवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डा॰ कौस्तुभ ने थाना गोरखनाथ क्षेत्र के व्यस्ततम धर्मशाला तिराहा का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जमीनी स्तर पर ट्रैफिक संचालन की चुनौतियों को देखा और मौके पर मौजूद अधिकारियों को व्यवस्था में सुधार के लिए कड़े दिशा-निर्देश दिए। मौके पर अधिकारियों की मौजूदगी निरीक्षण के दौरान एसएसपी के साथ पुलिस अधीक्षक नगर, पुलिस अधीक्षक यातायात (SP Traffic), स्थानीय थाना गोरखनाथ के प्रभारी और क्षेत्र की विभिन्न पुलिस चौकियों के प्रभारी व अन्य पुलिसकर्मी मुख्य रूप से मौजूद रहे। अधिकारियों की इस संयुक्त टीम ने तिराहे के चारों ओर से आने वाले वाहनों के दबाव और ट्रैफिक सिग्नल की कार्यप्रणाली का बारीकी से आकलन किया। प्रमुख दिशा-निर्देश और रणनीतियां एसएसपी ने निरीक्षण के दौरान यातायात पुलिस और स्थानीय थाने की टीम को निम्नलिखित निर्देश दिए। अतिक्रमण पर प्रहार तिराहे के आसपास अवैध रूप से खड़े वाहनों और सड़क किनारे ठेलों के कारण लगने वाले जाम को तत्काल हटाने के निर्देश दिए गए। सुव्यवस्थित पार्किंग, एसएसपी ने स्पष्ट किया कि सड़कों पर बेतरतीब वाहन खड़े करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए ताकि सुगम यातायात सुनिश्चित हो सके। चौकी प्रभारियों की जवाबदेही, गोरखनाथ क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली पुलिस चौकियों को विशेष हिदायत दी गई कि वे अपने-अपने क्षेत्र में पीक ऑवर्स के दौरान खुद मौजूद रहकर यातायात का संचालन कराएं।
जनता से संवाद, पुलिस कर्मियों को निर्देशित किया गया कि वे आम जनता के साथ शालीनता से पेश आएं, लेकिन यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कोई ढिलाई न बरतें। सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा यातायात के साथ-साथ एसएसपी ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सतर्कता बरतने को कहा। उन्होंने कहा कि धर्मशाला तिराहा एक महत्वपूर्ण केंद्र है, जहाँ से शहर के विभिन्न हिस्सों के लिए आवागमन होता है। यहाँ पुलिस की सक्रियता न केवल जाम कम करेगी, बल्कि अपराध नियंत्रण में भी सहायक सिद्ध होगी। शहर की धड़कन कहे जाने वाले प्रमुख चौराहों पर यातायात को सुगम बनाना हमारी प्राथमिकता है। धर्मशाला तिराहे पर यातायात के दबाव को कम करने के लिए तकनीकी और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर सुधार किए जा रहे हैं।















