हरारे।
भारतीय क्रिकेट टीम ने दूसरे टी-20 मुकाबले में जिम्बाब्वे को 90 रन से हराकर तीन मैचों की श्रृंखला में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली। पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने निर्धारित 20 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर 219 रन बनाए। जवाब में जिम्बाब्वे की पूरी टीम 17.5 ओवर में 129 रन पर सिमट गई।
इस जीत के साथ भारत ने वर्ष 2026 में नौवीं बार टी-20 अंतरराष्ट्रीय में 200 या उससे अधिक का स्कोर बनाया। इसके साथ ही टीम इंडिया ने 2024 में बनाए गए एक कैलेंडर वर्ष में सर्वाधिक 200+ स्कोर (9) के अपने ही रिकॉर्ड की बराबरी कर ली।
रनों के लिहाज से यह टी-20 अंतरराष्ट्रीय में जिम्बाब्वे के खिलाफ भारत की दूसरी सबसे बड़ी जीत रही। इससे पहले 2024 में भारत ने हरारे में ही जिम्बाब्वे को 100 रन से हराया था।
जिम्बाब्वे के सलामी बल्लेबाज ब्रायन बेनेट ने इस मुकाबले में टी-20 क्रिकेट में अपने 2,000 रन पूरे किए। वह यह उपलब्धि हासिल करने वाले जिम्बाब्वे के तीसरे बल्लेबाज बने।
मैच में तेज गेंदबाज यश ठाकुर ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया। उन्हें डेब्यू कैप पूर्व भारतीय स्पिनर मुरली कार्तिक ने सौंपी। यश ने अपने पहले ही मैच में शानदार गेंदबाजी करते हुए चार ओवर में 30 रन देकर दो विकेट हासिल किए। उनका पहला अंतरराष्ट्रीय शिकार ब्रायन बेनेट बने।
भारत की पारी के दौरान युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने तीसरे ओवर में लगातार चार बाउंड्री (एक छक्का और तीन चौके) लगाकर आक्रामक शुरुआत की। हालांकि बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में वह 9 गेंदों पर 20 रन बनाकर आउट हो गए।
फील्डिंग में जिम्बाब्वे के रयान बर्ल ने शानदार एथलेटिक प्रयास करते हुए बाउंड्री लाइन पर संभावित छक्का बचाया। वहीं जिम्बाब्वे की बल्लेबाजी के दौरान तिलक वर्मा कैच लेने की कोशिश में चोटिल हो गए। गेंद उनके पेट पर लगी, जिसके बाद फिजियो को मैदान पर आकर उनका उपचार करना पड़ा।
भारत की इस जीत ने न केवल सीरीज पर कब्जा पक्का किया, बल्कि टीम की विस्फोटक बल्लेबाजी और संतुलित गेंदबाजी का भी शानदार प्रदर्शन पेश किया।









