खागा, फतेहपुर। उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था समेत विभिन्न जन मुद्दों को लेकर वामदलों ने प्रदेशव्यापी आंदोलन के तहत मंगलवार को खागा तहसील परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सहारनपुर में मस्जिद तोड़े जाने के मामले को लेकर कड़ी नाराजगी जताई और इसे सांप्रदायिक सौहार्द के लिए गंभीर रूप से चिंताजनक बताया।
धरने के बाद वामदलों के प्रतिनिधियों ने चार सूत्रीय मांगों वाला ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को भेजा।
वामदलों ने आरोप लगाया कि प्रदेश में कानून का शासन कमजोर हो रहा है। प्रदर्शनकारियों ने भाजपा सरकार की कार्यप्रणाली और मुख्यमंत्री के शासन को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए। सहारनपुर मस्जिद प्रकरण का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 1911 में निर्मित मस्जिद से जुड़े दस्तावेज करीब एक सदी पुराने हैं। इसके बावजूद मस्जिद को कथित रूप से गलत तरीके से तोड़े जाने की घटना निंदनीय है। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई से प्रदेश का सांप्रदायिक सौहार्द प्रभावित हो सकता है।
प्रदर्शनकारियों ने महंगाई, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और पेपर लीक जैसे मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया। वामदलों ने आरोप लगाया कि चुनावी माहौल में नफरत और ध्रुवीकरण की राजनीति के जरिए जनता का ध्यान मूल समस्याओं से भटकाने का प्रयास किया जा रहा है।
ज्ञापन में प्रदेश में कानून का राज कायम करने, महिलाओं, दलितों, पिछड़े वर्ग और मुसलमानों पर होने वाले अत्याचारों पर रोक लगाने की मांग की गई। इसके साथ ही सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के प्रयासों पर प्रभावी रोक लगाने तथा सहारनपुर की मस्जिद को पुनः स्थापित कराने की मांग भी उठाई गई।
मस्जिद तोड़े जाने के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई, महंगाई और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने तथा पेपर लीक की घटनाओं पर प्रभावी कार्रवाई की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही।
इस मौके पर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के जिला सचिव रामप्रकाश, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य कॉमरेड मोतीलाल, एडवोकेट राज, कॉमरेड रामचंद्र, जिला सचिव कॉमरेड रामकृष्ण हेगड़े, कॉमरेड पुरनलाल, सुमन सिंह चौहान, जगदेव भाई, शिवबागो, नेम सिंह एडवोकेट, राम सुमेर यादव, एडवोकेट प्रमोद, एडवोकेट विनोद और एडवोकेट अतुल कुमार सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।















