फतेहपुर। सरदार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ आर एस पटेल के आवाहन पर नहर कॉलोनी में बृहद प्रदर्शन होना था और जिले में घटी कई घटनाएं जिसमें बिरनई हत्याकांड, अजरौली हत्याकांड सहित अन्य घटनाओं को मुद्दा बनाया गया और सूत्रों की माने तो सरदार सेना के लोगों ने अलग-अलग जनपदों से आवाहन किया था कि 13 सितंबर को फतेहपुर में बड़ी तादाद में एकत्रित होकर महापंचायत की जाएगी और यह भनक जैसे ही जिला प्रशासन को लगी जिला प्रशासन ने आनन फानन में 12 सितंबर को सरदार सेना सहित अन्य संगठनों के प्रतिनिधियों को बुलाकर यह तय किया की नहर कॉलोनी में होने वाली महा पंचायत को स्थगित कर दिया जाए जो भी उनकी मांगे हैं उनको ज्ञापन के माध्यम से दे दिया जाए उनको हल किया जाएगा। बावजूद इसके 13 सितंबर को नहर कॉलोनी को छावनी में तब्दील कर दिया गया। चप्पे चप्पे पर पुलिस बल तैनात रहा। नहर कॉलोनी के दोनों गेट में बैरीकेटिंग लगाकर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया। जहां परिंदा भी पर नहीं मार सकता था। इसके साथी रेलवे स्टेशन रोड, शादीपुर चौराहा, पटेल नगर चौराहा, वर्मा चौराहा, पत्थर कटा चौराहा, ज्वालागंज बस स्टॉप, कलेक्ट्रेट परिसर और नऊवा बाग सहित अन्य नहर कॉलोनी की ओर जाने वाले रास्तों पर भारी मात्रा में फोर्स बल तैनात रहा। वही किस रूट से कितने लोग आ रहे हैं इस बात को लेकर पुलिस की गाड़ियां हूटर के साथ दौड़ती नजर आई। वही सदर कोतवाली प्रभारी तारकेश्वर राय मय फोर्स बल के साथ जगह-जगह ड्यूटी पर लगे लोगों को समय पर पहुंच कर उनका हाल जाना कि लोग अपनी ड्यूटी पर पहुंचे कि नहीं। वही नहर कॉलोनी, रेलवे स्टेशन, पटेल नगर, कलेक्ट्रेट के साथ-साथ भीड़ वाले स्थान पर भी सदर कोतवाली प्रभारी दौड़ते नजर आए। इस दौरान देखते ही देखते पटेल नगर चौराहे में सरदार वल्लभभाई पटेल प्रतिमा के पास बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हो गए और सरदार सेना जिंदाबाद के नारे लगाने लगे। वही अचानक से इतनी बड़ी तादाद में लोग कैसे पटेल नगर पहुंच गए इस बात को लेकर पुलिस प्रशासन भी गुफ्तगू करता नजर आया तो वहीं सीओ सिटी गौरव शर्मा ने सरदार सेना के प्रतिनिधियों से बात करते भी नजर आए कि जब एक दिन पहले बात हो गई थी कि केवल ज्ञापन देना है तो फिर पटेल नगर में प्रदर्शन क्यों किया जा रहा है। लेकिन वहां पर कोई सुनने वाला नहीं था। प्रदर्शनकारियों की संख्या बढ़ती ही जा रही थी इसके बाद अपर पुलिस अधीक्षक महेन्द्रपाल सिंह भी मौके पर पहुंचे और सरदार सेना के लोगों से कलेक्ट्रेट पहुंचने को कहा। एक बार फिर से सदर कोतवाल तारकेश्वर राय सरदार सेना के काफिले के आगे आगे सीओ सिटी गौरव शर्मा के साथ चलते देखे गए तो वही जब यह काफिला अंबेडकर पार्क के पास पहुंचा तो वहीं पर इस काफिले को रोक दिया गया। जिसमें कहा गया की जो प्रतिदिन मंडल अंदर जिलाधिकारी रविन्द्र सिंह और पुलिस अधीक्षक अनूप सिंह से वार्ता करेगा उसके अलावा बाकी लोग अंबेडकर पार्क में बैठेंगे तो वही इस दौरान अंबेडकर पार्क में लगे ताले की ओर निगाह दौड़ी तो लोग चाबी ढूंढते नजर आए और भीड़ बढ़ती देख सीओ सिटी ने एक बार फिर से सदर कोतवाली प्रभारी को आवाज़ लगाई कि जल्द से जल्द चाबी मंगाईए। लेकिन चाबी नहीं मिली तो काफिला कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ने लगा तो उसे अंबेडकर पार्क के दूसरी ओर मोड़ दिया गया जहां पर प्रतिनिधि मंडल के सदस्यों को तय किया गया कि यह लोग राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉक्टर आर एस पटेल के साथ अंदर वार्ता के लिए जाएंगे। बाकी लोग वहीं पर रहेगें। इसके बाद एक-एक करके प्रतिनिधि मंडल अंदर वार्ता के लिए गया। बाकी लोग बाहर रुके रहे। लेकिन कुछ ही देर में यह लोग प्रदर्शन करने लगे और उसके बाद अंदर प्रतिनिधिमंडल की वार्ता हुई और कई बिंदुओं पर आम सहमत बनी। इस तरीके से सरदार सेना के प्रदर्शन से लेकर ज्ञापन तक तमाम जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन के लोग अलग-अलग स्थानों में मुस्तैद दिखे। हालांकि राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ आर एस पटेल की माने तो सरदार सेना के हजारों लोगों को बीच में रोका गया जो कलेक्ट्रेट पहुंचने वाले थे उनका भी उन्होंने मंच के माध्यम से अपने संबोधन में आभार व्यक्त किया और कहा कि अगर कहीं पर भी किसी के साथ अन्याय होता है तो सरदार सेना उनके साथ खड़ी नजर आएगी। इस दौरान फतेहपुर के जिला अध्यक्ष चंद्रभान यादव, सत्येंद्र पटेल प्रखर, वीरेंद्र सिंह, देवेंद्र पटेल, नरसिंह पटेल सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।















