संवाददाता /जाकिर अली
गोरखपुर। उत्तर प्रदेश सरकार के महत्वाकांक्षी अभियान ‘मिशन शक्ति’ के पांचवें चरण के तहत आज पुलिस विभाग द्वारा जनपद के विभिन्न थानों में विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया। पुलिस महानिदेशक के निर्देशानुसार, महिला बीट पुलिस अधिकारियों (शक्ति दीदियों) ने गांव, बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर जाकर महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति सजग किया। प्रमुख गतिविधियाँ और उद्देश्य अभियान के दौरान महिला पुलिस कर्मियों ने महिलाओं और बालिकाओं से सीधा संवाद किया।
इस दौरान निम्नलिखित बिंदुओं पर मुख्य रूप से जोर दिया गया: सुरक्षा हेल्पलाइन की जानकारी: महिलाओं को आपातकालीन समय में सहायता के लिए जारी हेल्पलाइन नंबरों जैसे 1090 (वुमेन पावर लाइन), 112 (पुलिस आपातकालीन सेवा), 1098 (चाइल्ड हेल्पलाइन) और 102/108 (एम्बुलेंस सेवा) के बारे में विस्तार से बताया गया। साइबर अपराध से बचाव: वर्तमान में बढ़ते डिजिटल अपराधों को देखते हुए शक्ति दीदियों ने महिलाओं को ‘साइबर फ्रॉड’ से बचने के तरीके सिखाए और 1930 साइबर हेल्पलाइन के महत्व को समझाया। सरकारी योजनाओं का प्रचार: ‘कन्या सुमंगला योजना’, ‘निराश्रित महिला पेंशन योजना’ जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई ताकि पात्र महिलाएं इनका लाभ उठा सकें।
सुरक्षा का अहसास और स्वावलंबन पुलिस विभाग के प्रवक्ताओं ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य महिलाओं के मन से भय को समाप्त करना और उन्हें समाज में सुरक्षित परिवेश का अहसास कराना है। शक्ति दीदियों ने महिलाओं को भरोसा दिलाया कि किसी भी प्रकार की छेड़खानी या प्रताड़ना होने पर वे बिना डरे पुलिस से संपर्क कर सकती हैं, उनकी पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी।
“महिलाएं जागरूक बनेंगी, तभी समाज सशक्त होगा। मिशन शक्ति के माध्यम से हम हर बेटी और महिला तक सुरक्षा का भरोसा पहुँचा रहे हैं।















