- फूल माला पहनाकर हाफिज, मुफ्ती का किया इस्तकबाल
कानपुर देहात। मुकद्दस रमजान में चारों ओर इबादतों में लोग मशगूल हैं। इसी के साथ मस्जिदों में कुरान मुकम्मल होने का सिलसिला भी जारी है।गुरुवार को अमरौधा कस्बे के मदरसा मिनहाजुल उलूम में तरावीह (कुरान का पाठ) मुकम्मल होने पर जश्ने कुरान का आयोजन किया गया।कुरान सुनाने वाले हाफिज जैनुल आबदीन का हौसला बढ़ाया गया।वहीं मुफ्ती मुजीबुर्रहमान ने तकरीर में कुरान की अजमत और माह-ए-रमजान की फजीलत बयां की। नमाज-तरावीह में हाफिज जैनुल आबदीन ने तरावीह सुनाकर कुरान मुकम्मल किया। इसके बाद दुआ की गई। इस दौरान हुए जलसे को खिताब करते हुए मुफ्ती मुजीबुर्रहमान ने कुरान की फजीलत बयान की। उन्होंने कहा कि कुरान मजीद अल्लाह की भेजी ऐसी किताब है जो हाफिजों के सीने में रोज-ए-कयामत तक महफूज रहेगी। कहा कि रमजान में ज्यादा से ज्यादा वक्त अल्लाह की इबादत में गुजारें। झूठ, फरेब, चुगलखोरी और दूसरी तमाम बुराइयों से परहेज करें।बताया कि हदीस में है कि जो शख्स रोजे की हालत में झूठ बोलने और गलत काम करने से परहेज न करे। परवरदिगार को उसके भूखा प्यासा रहने की कोई जरूरत नहीं। फरमाया कि इन सभी बातों पर अमल न करने वाले बहुत से रोजेदार ऐसे होंगे जिनको भूख-प्यास के सिवा कुछ हासिल नहीं होगा।इसके बाद विगत 19 वर्षों से लगातार तरावीह सुनाने वाले हाफिज जैनुल आबदीन को मदरसा कमेटी की जानिब से हौसला अफजाई की ।इस मौके पर उजैर अहमद,डा बिलाल,डा इमरान,डा अनस,शरीफुर्रहमान, हारून, सुल्तान, हाफिज दिलशाद, खुशनूर, आदि लोग मौजूद रहे।















