गोरखपुर। आगामी, रमजान और ईद-उल-फितर ,होली के मद्देनजर पुलिस लाइन सभागार में जिलाधिकारी दीपक मीणा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ की अध्यक्षता में सद्भावना समिति, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य त्योहारों को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में सम्पन्न कराना रहा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि 4 मार्च को होली है और उसी दिन रमजान का पंद्रहवां रोजा भी है, जबकि 13 मार्च को अलविदा की नमाज अदा की जाएगी। ऐसे में संवेदनशीलता, सतर्कता और समन्वय अत्यंत आवश्यक है। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी विभाग आपसी तालमेल के साथ कार्य करें और त्योहारों के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न होने दें। उन्होंने निर्देश दिया कि होलिका दहन स्थलों का पूर्व सत्यापन कर लिया जाए। विशेषकर जिन स्थानों पर मस्जिदों के सामने होलिका दहन होता है, वहां पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि धार्मिक भावनाओं का सम्मान सर्वोपरि है और किसी भी प्रकार की अफवाह या उकसावे की स्थिति में तत्काल प्रभावी कार्रवाई की जाए।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ ने होली के जुलूसों को लेकर विशेष रणनीति बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन जुलूसों में बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं, वहां पर्याप्त फोर्स, ड्रोन निगरानी और सीसीटीवी मॉनिटरिंग की व्यवस्था की जाए। जिन जुलूसों में मुख्यमंत्री की सहभागिता रहती है, उन मार्गों का प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों द्वारा पूर्व निरीक्षण किया जाए। जुलूस समाप्त होने के बाद भी कम से कम दो घंटे तक संबंधित क्षेत्रों में पुलिस बल तैनात रहे, ताकि किसी भी प्रकार की हुड़दंग या अप्रिय घटना को रोका जा सके। बैठक में शहर की आधारभूत सुविधाओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई। विरासत गलियों में चल रहे निर्माण कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए। सीओ कोतवाली कार्यालय के सामने सड़क पर निकले लोहे के रॉड को तत्काल दुरुस्त कराने के लिए संबंधित विभाग को आदेशित किया गया।
जिलाधिकारी ने नगर निगम और लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिया कि शहर के भीतर जहां-जहां सड़कें टूटी हुई हैं, वहां शीघ्र पिचिंग कार्य कराया जाए और सड़क चौड़ीकरण के कार्य में तेजी लाई जाए, ताकि त्योहारों के दौरान यातायात बाधित न हो। बिजली विभाग को निर्देशित किया गया कि शहर में लटक रहे बिजली के तारों को तत्काल ठीक कराया जाए। खुले तार या झूलती केबलें दुर्घटना का कारण बन सकती हैं, इसलिए इस पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। साथ ही पेयजल आपूर्ति, सफाई व्यवस्था और स्ट्रीट लाइट की स्थिति की भी समीक्षा की गई। त्योहारी सीजन में मिलावटखोरी पर रोक लगाने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग को सघन जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। मिठाई, खोया, रंग और अअन्य खाद्य सामग्री की जांच नियमित रूप से की जाए। दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। ट्रैफिक पुलिस को निर्देश दिया गया कि प्रमुख बाजारों, चौराहों और जुलूस मार्गों पर यातायात व्यवस्था सुचारु रखी जाए। अस्थायी पार्किंग स्थल चिन्हित किए जाएं और अवैध पार्किंग पर सख्ती बरती जाए।
ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए डीजे और साउंड सिस्टम निर्धारित मानक के अनुरूप कम ध्वनि स्तर पर बजाने के निर्देश दिए गए। रात्रि में निर्धारित समय सीमा के बाद ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग न हो, यह सुनिश्चित किया जाए। अलविदा की नमाज के दिन मस्जिदों के आसपास विशेष सतर्कता रखने, यातायात डायवर्जन योजना लागू करने और पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने को कहा गया।
बैठक में एसपी नार्थ ज्ञानेंद्र, एसपी सिटी अभिनव त्यागी, एसपी दक्षिणी दिनेश कुमार पुरी, एसपी मंदिर संतोष कुमार, अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्रा, सिटी मजिस्ट्रेट उत्कर्ष श्रीवास्तव, एसडीएम सदर दीपक गुप्ता, एसडीएम बांसगांव प्रदीप सिंह एसडीएम सहजनवा केशरी नन्दन तिवारी एसीएम प्रथम प्रशांत वर्मा एसीएम द्वितीय राजू कुमार सीओ कैंट योगेन्द सिंह ,सीओ कोतवाली ओंकार दत्त तिवारी सीओ गोरखनाथ रवि सिंह सीओ कैंपियरगंज अनुराग सिंह सीओ ट्रैफिक विवेक तिवारी विभिन्न विभागों के अधिकारी और सद्भावना समिति के सदस्य उपस्थित रहे। समिति के सदस्यों ने भी सुझाव दिए, जिन पर प्रशासन ने सकारात्मक आश्वासन दिया।
अंत में जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने कहा कि गोरखपुर की पहचान आपसी भाईचारे और सामाजिक सौहार्द के लिए है। सभी नागरिक प्रशासन का सहयोग करें, अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें। उन्होंने स्पष्ट किया कि शांति व्यवस्था भंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की प्राथमिकता है कि होली, रमजान और ईद के सभी पर्व शांति, सुरक्षा और आपसी सद्भाव के साथ संपन्न हों।










