- कुरान मुकम्मल होने पर मौलाना न्यामतउल्लाह का फोलों का हार पहनाया
कानपुर देहात। मुकददस रमजान में इबादतों का सिलसिला जारी है। रविवार को अठारहवें रोजे पर मस्जिदों में खूब भीड़ रही। रोजेदारो ने खुदा की इबादत कर देश और दुनियाँ में अमन चैन कायम रखने की दुआएँ मांगी। सिकन्दरा कस्बे की खजूर वाली मस्जिद के इमाम हाफिज मुजीब रजा ने कहा कि रमजान के मुबारक महीने में सभी मोमिन खुदा की इबादत में जुटे हैं। लोग फिजूलखर्ची के बजाय गरीब, मजलूम और बेसहारा लोगों की मदद करे। रमजान यही सीख देता है। कहाँ कि अपनी खुशियाँ पूरी करने से पहले मजलूमों के दुखों को दूर करना चाहिए। अल्लाह ने रोजे इसलिए फर्ज किए हैं ताकि रोजेदार भीख प्यास की शिद्दत बर्दाश्त कर भूखे पेट रहने वाले मजलूमों की परेशानी समझ सके। मुसलमानों के लिए रमजान अल्लाह का दिया तोहफा मौलाना न्यामतउल्लाह राजपुर। मुकददस रमजान में जारी इबादतों के बीच तरावीह मुकम्मल होने का सिलसिला जारी है। शनिवार को राजपुर की पुरानी जामा मस्जिद में तरावीह में कुरान मुकम्मल होने पर जश्न कुरान पाक आयोजन हुआ। इस दौरान मौलाना न्यामतउल्लाह को फूलमाला पहनाकर सम्मानित किया गया। उलेमाओं ने रमजान और कुरान की फजीलत, तरावीह और रोजे में अल्लाह और रसूल के हुक्म पर बयान किया गया। मौलाना न्यामतउल्लाह ने बताया कि वह लोग खुशनसीब है जिनकोे तरावीह में अल्लाह का कलाम सुनने को मिला।















