- कतर, रियाद रह रहे जिले के करीब 100 लोग, धमाकों से दहशत
मोहम्मद तसलीम
कानपुर देहात। ईरान पर अमेरिका और इस्राइल के साझे हमले के बाद खाड़ी देशों में तनाव से
जिले के 100 से ज्यादा परिवारों की धड़कन तेज हो गई है। यहां के तमाम लोग रोजी-रोटी से लेकर शिक्षा के लिए दुबई के विभिन्न शहरों में रह रहे हैं। धमाकों और मिसाइल हमलों की खबरों के बीच वहा फसें लोग सुरक्षित ठिकानों की तलाश कर रहे हैं। जबकि दहशत के चलते विदेश में रह रहे लोगों से परिजन लगातार संपर्क बनाए है। दुबई के अलावा कतर, कुवैत, अबूधाबी, बहरीन तेहरान, मशहद व आसपास के शहरों में रहने वाले लोग भी दहशत में हैं। तनावपूर्ण माहौल में गल्फ देशों में रह रहे भारतीयों के परिजन डरे हुए हैं।
सटटी निवासी अयाजुल हसन ने बताया कि भतीजा शहनवाज पिछले चार वर्षों से रोज़गार के सिलसिले में कतर में रह रहे हैं। वहां रह कर वह गाड़ी चलाने का काम करते हैं। इन दिनों क्षेत्र में ईरानी हमलों की खबरों के चलते गांव में मौजूद उनका परिवार चिंतित और सहमा हुआ है। फोन पर हुई बातचीत में शहनवाज ने परिवार को आश्वस्त करते हुए बताया कि घबराने की कोई बात नहीं है। यहां का प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार है। शहनवाज के अनुसार कतर स्थित अमेरिकी एअरवेस से वह 25 किलोमीटर दूर रहते हैं। अब तक ईरानी मिसाइलों ने जिन स्थानों को निशाना बनाया है, उनमें अल सलेम एयर बेस, कुवैत शामिल है।
सटटी निवासी आदिल रजा ने बताया कि बहनोई मोहम्मद अतहर सऊदी अरब के रियाद शहर में इंजीनियर है। वह पत्नी बेबीनाज और बच्चों के साथ करीब 20 साल से रियाद ईरान और इजराइल के बीच जारी जंग से रातों को नींद नहीं आ रही है। संदलपुर के शब्बीर अली के तीन बेटे सऊदी अरब के कतर व शारजाह में रहकर मजदूरी करते हैं। मिसाइल हमलों की खबरों के बीच परिवार में गहरी चिंता बनी है। शब्बीर अली के मुताबिक लगातार बच्चों से इंटरनेट के जरिये बात हो रहीं हैं। फिर भी खाड़ी देशों में युद्ध के हालातों के चलते बच्चों को घर लौटने को कहा है। लेकिन सिर्फ एक ही सऊदी एअरलाइंस चलने से टिकट बुकिंग नहीं हो पा रही है। इसके अलावा जनपद के सिकन्दरा, राजपुर, डूडीबरी, अमरौधा के सैकड़ों लोग सउदी अरब के दम्माम, कतर, दोहा ओमान, कुवैत के अलावा अन्य खाड़ी देशों में मजदूरी और नौकरियां कर रहे हैं। अमेरिकी और ईरानी इजराइल के सैन्य हमलों भारतीय लोग सहमें हुए है। इधर ईरान ने गल्फ के जिन 8 देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है उनमें बहरीन, इराक, जॉर्डन, कुवैत, क़तर, सऊदी अरब संयुक्त अरब अमीरात, ओमान शामिल हैं। इधर अमेरिकी व इजराइल के सयुंक्त हमलों तेहरान, मशहद, कोम के अलावा कई अन्य शहरों में हालात तनावपूर्ण हैं। इससे इन देशों में रहने वाले भारतीय लोगों के परिजन परेशान है। हालात सामान्य होने तक वतन वापस लौटने की सलाह दे रहे हैं।











