फतेहपुर। मंगलवार को सविता महासभा के पदाधिकारियों ने कर्पूरी ठाकुर चौराहा जीटी रोड में महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, सामाजिक न्याय के पुरोधा, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री, भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर की 38 वीं पुण्यतिथि पर प्रतिमा में भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। सविता महासभा के जिला प्रभारी संतराम फौजी ने कहा कि जननायक कर्पूरी ठाकुर भारतीय राजनीति के उन विरले सितारों में से थे, जिन्होंने अपना पूरा जीवन गरीबों, पिछड़ों और वंचितों के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया। हाल ही में उन्हें मरणोपरांत भारत के सर्वाेच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से नवाजा गया। दो बार बिहार के मुख्यमंत्री और एक बार उपमुख्यमंत्री रहने के बावजूद, उनके पास अपना निजी घर तक नहीं था। उनकी ईमानदारी और सादगी आज के दौर में एक मिसाल है। उन्होंने बिहार में पिछड़ों के लिए आरक्षण की व्यवस्था लागू की थी, जिसे आज भी कर्पूरी ठाकुर फॉर्मूला के नाम से जाना जाता है। उन्होंने गरीब बच्चों की शिक्षा के लिए मैट्रिक की परीक्षा में अनिवार्य अंग्रेजी की शर्त को हटाया था, ताकि गांव के बच्चे भी आगे बढ़ सकें। वे डॉ. राम मनोहर लोहिया के विचारों से प्रभावित थे और उन्होंने सादा जीवन, उच्च विचार को हकीकत में जीकर दिखाया। कार्यक्रम में आचार्य कमलेश योगी, जिलाध्यक्ष रामशंकर सविता, जिला महामंत्री बृजेश कुमार सेन उर्फ गुड्डू, विमल कुमार सविता, कपूर कुमार सविता, सुरेंद्र चौधरी, दिलीप, राजेश सविता, शैलेन्द्र सविता, सत्य प्रकाश, विजय सविता, सहित सभी सदस्य मौजूद रहे। सभी ने यूपी सरकार से मांग किया कि उत्तर प्रदेश में जिस दिन रोहिणी आयोग की सिफारिश लागू होगी तथा कर्पूरी फार्मूला लागू होगा सही मायने में यही कर्पूरी जी के लिए सच्ची श्रद्धांजलि होगी। सामाजिक न्याय का जो सपना कर्पूरी ठाकुर जी ने देखा था उस सपने को पूरा माना जाएगा।















