कानपुर देहात। रमजान में फलों के दाम आसमान छू रहे हैं। रोजेदार जरूरत के हिसाब से फल नहीं खरीद पा रहे हैं। रमजान में इफ्तार और सेहरी के लिए खजूर, केला, तरबूज, पपीता, अंगूर और सेब जैसे ताजे फलों की मांग और दाम बढ़ गए हैं। सेहरी के समय रोजेदार फलों का सेवन करते हैं। सिकंदरा , राजपुर स्थित फल व्यवसायियों का कहना है कि रमजान और नवरात्र में हर साल फलों के दामों में इजाफा होता है। बाजारों में सेब, केले, खजूर, तरबूज से लेकर अंगूर तक के दाम आसमान छू रहे हैं। इससे रोजेदारों की मुश्किलें बढ़ गई है। हर साल रमजान में फलों और सब्जियों की मांग बढ़ती है। इस बार महंगाई आम जनता की जेब पर भारी पड़ रही है। केला 80 से 100 रुपय दर्जन, पपीता 60 से 80 और हरा अंगूर 160 से 200 रुपये किलो तक पहुंच गए हैं। राजपुर के फल विक्रेता इश्तियाक खां ने बताया कि सीमावर्ती जनपद की मंडी से आने वाले फलों की कीमते बढ है। इससे छोटे दुकानदारों को भी इस महंगाई का असर झेलना पड़ रहा है। रोजेदारों ने बताया कि रमजान में इफ्तार के लिए फल जरूरी होते हैं, मगर महंगे दामों के कारण अब पहले जितनी खरीदारी करना मुश्किल हो गया है। थोक विक्रेता इदरीस ने बताया कि हाल ही में फल की आपूर्ति में कमी आई है, जिससे दाम बढ़ गए हैं। रमजान के दौरान फलों की मांग बढ़ जाती है। क्योंकि रोजेदार इफ्तार में अधिक फल खाते हैं। उन्होंने बताया कि इस समय मंडी में माल कम आ रहा है। आमतौर पर, इस सीजन में मांग बढ़ने और आपूर्ति कम होने से दाम ऊपर चले जाते हैं।














