वॉशिंगटन डीसी/तेहरान।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने फिलहाल ईरान पर बड़े सैन्य हमले की योजना टाल दी है। रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने चेतावनी दी कि व्यापक अभियान चलाने से अमेरिका के पास मौजूद पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलों का भंडार तेजी से कम हो सकता है, जिससे मध्य पूर्व में तैनात अमेरिकी सैनिकों और सहयोगी देशों की सुरक्षा प्रभावित होने का खतरा बढ़ जाएगा।
बताया गया है कि शीर्ष सैन्य नेतृत्व ने प्रशासन को सलाह दी कि मौजूदा हालात में बड़े सैन्य अभियान की बजाय रणनीतिक संयम बरता जाए। हालांकि राष्ट्रपति ट्रम्प ने स्पष्ट किया है कि जरूरत पड़ने पर सभी सैन्य विकल्प अब भी खुले हैं।
सैन्य कार्रवाई फिलहाल टालने के साथ ही अमेरिका ने ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाते हुए कारोबारी बाबेक जंजानी के नेटवर्क से जुड़ी नौ कंपनियों और चार व्यक्तियों पर नए प्रतिबंध लगाए हैं।
पिछले 24 घंटे के प्रमुख घटनाक्रम
- हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के जजान स्थित अरामको रिफाइनरी पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला करने का दावा किया।
- ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने दावा किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे चार जहाजों को चेतावनी दी गई, जिसके बाद उन्होंने अपना मार्ग बदल लिया।
- ईरान सरकार पेट्रोल की बढ़ती खपत को नियंत्रित करने के लिए ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी पर विचार कर रही है।
- लगातार 13 रातों तक चली अमेरिकी बमबारी के बाद पहली बार किसी रात ईरान पर हमला नहीं किया गया।
- ईरान ने बहरीन स्थित अमेरिकी नौसैनिक अड्डे पर ड्रोन और मिसाइल हमले का दावा किया।
ईरान की कड़ी चेतावनी
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने आरोप लगाया कि इजराइल अमेरिका को ईरान के खिलाफ भड़का रहा है। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि दोबारा युद्ध शुरू हुआ तो ईरान इसका कड़ा जवाब देगा।
वहीं, कैस्पियन सागर में एक व्यापारिक जहाज पर कथित हमले के बाद ईरान ने यूक्रेन के राजनयिक को तलब किया है। दूसरी ओर, यूक्रेन ने दावा किया कि उसने सैन्य सामान ले जा रहे जहाजों को निशाना बनाया था, हालांकि ईरानी व्यापारिक जहाज पर हमले की सीधी पुष्टि नहीं की।
हालिया घटनाक्रमों के बीच मध्य पूर्व में तनाव लगातार बना हुआ है और अमेरिका, ईरान तथा क्षेत्रीय देशों की गतिविधियों पर दुनिया की नजरें टिकी हैं।









