फतेहपुर। दिल्ली के साकेत थाना क्षेत्र में पत्रकारों के साथ कथित दुर्व्यवहार, अभद्रता और उत्पीड़न के मामले को लेकर लखनऊ जर्नलिस्ट एसोसिएशन (एलजेए) की जिला इकाई ने गंभीर नाराजगी जताई है। मामले में जिलाध्यक्ष प्रभाकर पांडेय ने राष्ट्रपति को पत्र भेजकर प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
राष्ट्रपति को भेजे गए पत्र में जिलाध्यक्ष ने कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पत्रकारिता से जुड़े पत्रकारों के साथ दिल्ली में पुलिस द्वारा किए गए कथित दुर्व्यवहार, अभद्रता, उत्पीड़न और अधिकारों के हनन की घटनाओं से पत्रकार समाज में आक्रोश एवं असुरक्षा की भावना पैदा हुई है। विशेष रूप से साकेत थाना, दिल्ली से जुड़े प्रकरण में पत्रकारों के साथ पुलिस के व्यवहार की निष्पक्ष जांच कराया जाना आवश्यक है।
एलजेए ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र में जनता की आवाज को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने और व्यवस्था की कमियों को सामने लाने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। समाचार संकलन एवं पत्रकारिता के दौरान यदि पुलिस द्वारा पत्रकारों को भयभीत, प्रताड़ित अथवा उनके कार्य में अनुचित रूप से बाधित किया जाता है, तो इसका प्रतिकूल प्रभाव न केवल पत्रकारों की स्वतंत्रता बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था पर भी पड़ता है।
एसोसिएशन ने मांग की कि साकेत थाना, दिल्ली के पुलिसकर्मियों द्वारा पत्रकारों के साथ कथित दुर्व्यवहार एवं उत्पीड़न के मामले में संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई जाए। पूरे प्रकरण की जांच स्थानीय पुलिस से अलग किसी सक्षम एवं निष्पक्ष जांच अधिकारी अथवा एजेंसी से कराई जाए।
जांच में दोषी पाए जाने वाले पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कठोर विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की भी मांग की गई है। इसके अलावा पत्रकारों को समाचार संकलन, रिपोर्टिंग और जनहित के मुद्दे उठाने के दौरान भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराने तथा उन्हें डराने-धमकाने, दबाव बनाने अथवा उत्पीड़ित करने की किसी भी कार्रवाई पर प्रभावी रोक लगाने की मांग की गई।
एलजेए ने संबंधित पुलिस अधिकारियों को पत्रकारों की अभिव्यक्ति एवं स्वतंत्र पत्रकारिता के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाने की भी मांग उठाई है।
इस मौके पर शिवशरण बंधु, रमेश प्रसाद गुप्त, कृष्ण गोपाल, राकेश चंद्र साहू, देवेंद्र सोनी आदि मौजूद रहे।















