- खुले आसमान के नीचे रात काटने को मजबूर किसान
सुमेरपुर(हमीरपुर)– शासन के तमाम दावों के बावजूद विशिष्ट मंडी छानी धनपुरा में गेहूं की सरकारी खरीद का बुरा हाल है। क्रय केंद्रों पर पसरा सन्नाटा और तकनीकी खामियां मुख्यमंत्री के उन निर्देशों को ठेंगा दिखा रही हैं, जिनमें किसानों को तत्काल राहत देने की बात कही गई थी। आलम यह है कि टोकन लेकर पहुंचे किसान दो दिनों से ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ मंडी में फंसे हुए हैं और खुले आसमान के नीचे रात गुजारने को मजबूर हैं।क्षेत्र के छानी(अतरार) स्थित विशिष्ट मंडी में बीते सोमवार के दिन शरू हुई गेंहू खरीद मंगलवार के दिन बन्द रही ,जिसकी वजह से किसानों को खुले आसमान के नीचे रात गुजारनी पड़ रही है। बता दें कि किसानों के बड़े इंतजार के बाद सोमवार के दिन छानी(अतरार)मंडी में क्रय केंद्र चालू हुआ था ,जिसमे तीन किसानों का लगभग तीन सौ क्विंटल गेहूं खरीदा गया था ,लेकिन केंद्र प्रभारी पवन विश्वकर्मा ने बताया था कि फिंगरप्रिंट स्कैनिंग के लिए तीन मशीनें मंगाईं थीं लेकिन तीनों ने काम नहीं किया ,जिस वजह से स्टॉक रजिस्टर में ही किसानों की खरीद दर्ज की गई थी।वहीं मंगलवार के दिन भी तीनों ई पॉप मशीनों ने काम नहीं किया जिससे खरीद बन्द रही।मवईजार के किसान लाला भाई ने बताया कि खरीद केंद्र शुरू होने की सूचना मिलने पर ट्रैक्टर ट्रॉली में गेहूँ भरकर लाए थे लेकिन यहां खरीद ही बन्द मिली ,रात यहीं गुजारनी पड़ेगी। वहीं दूसरे किसान छानी खुर्द निवासी गुलजार मंसूरी ने बताया कि हर वर्ष छानी-बिवांर आसपास चार क्रय केंद्र खोले जाते थे ,लेकिन इस साल अभी तक यहां एक ही केंद्र खोल गया है और यहां भी तमाम समस्याएं हैं ,जिसकी वजह से किसानों को बहुत परेशानियां उठानीं पड़ रहीं हैं।
बताते चलें कि पिछले वर्ष बिवांर क्षेत्र में भरखरी मंडी केंद्र , रूरीपारा-बजेहटा समिति के नाम मंडी संचालित थी और छानी(अतरार) मंडी में दो कांटे लगाए गए थे लेकिन इस वर्ष अभी तक छानी मंडी में एक ही क्रय केंद्र खोला गया है ,जिसमें भी खरीद बन्द है।इस अव्यवस्था पर जब WPC इंचार्ज पवन कुमार विश्वकर्मा से बात की गई, तो उन्होंने स्वीकार किया कि तकनीकी खराबी के कारण खरीद बाधित है। उन्होंने बताया,हमारे पास बारदाना पर्याप्त मात्रा में है और सोमवार को 300 क्विंटल गेहूं की खरीद भी की गई थी। लेकिन अब समस्या ई-पॉप मशीनों में आ गई है। मंडी में मौजूद तीनों मशीनें खराब हैं। इंजीनियर को बुलाकर ठीक कराने की कोशिश की गई, लेकिन सफलता नहीं मिली। बताया कि आज शाम 4 बजे जिलाधिकारी के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक प्रस्तावित है जिसमें मशीनों की खराबी और किसानों को हो रही परेशानियों को प्रमुखता से रखा जाएगा, जिससे खरीद फिर से शुरू की जा सके। एक ओर किसान अपनी उपज बेचने के लिए कतारों में खड़ा है, वहीं दूसरी ओर प्रशासनिक ढुलमुल रवैया और खराब मशीनें अन्नदाता की परीक्षा ले रही हैं। अब देखना यह है कि डीएम की बैठक के बाद किसानों को इस समस्या से कब तक निजात मिलती है।















