*सुमेरपुर(हमीरपुर)*- देशभक्तों के योगदान को स्मरण करते हुए वर्णिता संस्था के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में महान स्वतंत्रता सेनानी तात्या टोपे की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। “विमर्श विविधा” के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में वक्ताओं ने उनके अदम्य साहस और देशभक्ति को नमन किया। संस्था के अध्यक्ष डॉ. भवानीदीन ने कहा कि तात्या टोपे एक कुशल रणनीतिकार और सच्चे देशभक्त थे, जिनकी सोच देश की आजादी को समर्पित थी। उन्होंने 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष का नेतृत्व किया। उन्होंने बताया कि तात्या टोपे का जन्म 16 फरवरी 1814 को महाराष्ट्र के नासिक जनपद के येवला गांव में हुआ था। वे रानी लक्ष्मीबाई के प्रमुख सहयोगी रहे और उनके साथ मिलकर अंग्रेजों के विरुद्ध वीरतापूर्वक युद्ध लड़ा। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि यदि विश्वासघात न होता तो तात्या टोपे को पकड़ा नहीं जा सकता था। अंततः उन्हें मध्य प्रदेश के शिवपुरी में 18 अप्रैल 1859 को फांसी दे दी गई, लेकिन उनका बलिदान आज भी देशवासियों को प्रेरित करता है। इस अवसर पर सिद्धा, प्रेम, सागर, प्रिंस, रिचा, महावीर प्रजापति, रामनरायन सोनकर, रामबाबू, बाबूलाल, राहुल प्रजापति सहित कई लोग मौजूद रहे।















