*संवाददाता- जाकिर अली*
गोरखपुर। सदर तहसील सभागार में आयोजित ‘तहसील समाधान दिवस’ में इस बार प्रशासन का कड़ा रुख देखने को मिला। जिलाधिकारी दीपक मीणा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में जनता की समस्याओं को न केवल सुना गया, बल्कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की क्लास भी लगाई गई। प्रमुख आंकड़े और कार्यवाही, कुल शिकायतें, 180 मौके पर निस्तारण, 18 मुख्य निर्देश, भू-माफियाओं पर कार्रवाई,धान भुगतान में तेजी और वरासत मामलों में पारदर्शिता।
बड़ी कार्रवाई और निर्देश। भू-माफियाओं पर प्रहार। अधिवक्ता की जमीन पर कब्जे की शिकायत पर डीएम ने तहसीलदार को तत्काल मौके पर जाकर कब्जा हटवाने के निर्देश दिए। किसानों का हक, 250 कुंतल धान के बकाया भुगतान के मामले में डीएम ने डिप्टी आरएमओ को फटकार लगाते हुए एक हफ्ते में समाधान का अल्टीमेटम दिया। राजस्व में शुचिता। डीएम ने स्पष्ट किया कि एक ही मामले में बार-बार जांच कर जनता को परेशान न किया जाए। अब सभी कार्य ई-फाइलिंग के जरिए होंगे, नियमों के उल्लंघन पर वेतन कटौती की चेतावनी दी गई। शादी के लिए परेशान एक फरियादी को डीएम के निर्देश पर तत्काल गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया गया।
पुलिस प्रशासन की सख्ती। एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने पुलिस से जुड़े मामलों की सुनवाई की और जमीन रजिस्ट्री के बाद कब्जा न मिलने या मकान खाली करने जैसे विवादों में संयुक्त टीम बनाकर त्वरित समाधान के निर्देश दिए। डीएम का संदेश, जनता की समस्याओं का पारदर्शी समाधान हमारी प्राथमिकता है। लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं होगी।















