– लावारिस घूम रही किशोरी के लिए देवदूत बनीं महिला उपनिरीक्षक शिखा जायसवाल*
*संवाददाता- जाकिर अली*
गोरखपुर। जिले के पिपराईच इलाके से ममता को शर्मसार और खाकी को गौरवान्वित करने वाली एक खबर सामने आई है। जहाँ एक तरफ सरकार ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ का नारा दे रही है, वहीं एक पिता ने अपनी ही 17 वर्षीय बेटी को लावारिस हालत में सड़क पर छोड़ दिया। लेकिन संकट की इस घड़ी में मुख्यमंत्री के ‘मिशन शक्ति’ अभियान की टीम इस बेटी के लिए ढाल बनकर खड़ी हुई। थाना पिपराईच पुलिस को सूचना मिली कि एक किशोरी लावारिस हालत में क्षेत्र में भटक रही है। सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक के नेतृत्व में मिशन शक्ति टीम की महिला उपनिरीक्षक शिखा जायसवाल अपनी टीम के साथ मौके पर पहुँचीं। जब पुलिस ने उस डरी-सहमी किशोरी से पूछताछ की, तो सच्चाई जानकर सबकी आँखें नम हो गईं। किशोरी ने बताया कि उसके पिता उसे चौरीचौरा इलाके में यह कहकर छोड़ गए कि अब घर वापस मत आना। वहाँ से भटकते हुए वह पिपराईच तक पहुँच गई थी। पुलिस ने जब किशोरी के पिता से मोबाइल पर संपर्क किया, तो पिता का रवैया बेहद क्रूर था। उसने अपनी बेटी को घर ले जाने से साफ इनकार कर दिया और अपना मोबाइल फोन स्विच ऑफ कर लिया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डा.कौस्तुभ के निर्देशन में चल रहे ‘मिशन शक्ति फेज-05’ के तहत, पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए किशोरी को सुरक्षित वन स्टॉप सेंटर, बीआरडी मेडिकल कॉलेज में दाखिल करा दिया है।इस सराहनीय कार्य में म0उ0नि0 शिखा जायसवाल और महिला कांस्टेबल सौरभ सिंह की मुख्य भूमिका रही। फिलहाल पुलिस द्वारा मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।















