*संवाददाता- जाकिर अली*
गोरखपुर | पूर्वोत्तर रेलवे में यात्री सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ करने तथा अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से आज एक महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठक संपन्न हुई। उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (रेलवे) प्रकाश डी ने राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) अनुभाग का दौरा किया और रेलवे के आला अधिकारियों के साथ सुरक्षा व्यवस्था पर गहन मंथन किया। सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा और ‘जीरो टॉलरेंस’ पुलिस अधीक्षक रेलवे लक्ष्मी निवास मिश्र की उपस्थिति में आयोजित इस बैठक में पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक (GM) उदय बोरवणकर, अपर पुलिस महानिदेशक जोन मुथा अशोक जैन और आईजी आरपीएफ (NER) सत्य प्रकाश शामिल रहे। बैठक के दौरान डीजी रेलवे ने स्पष्ट किया कि रेल यात्रियों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने अपराधियों के विरुद्ध ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाने और ट्रेनों व स्टेशन परिसरों में महिला एवं वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा हेतु विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। तकनीकी निगरानी और बेहतर समन्वय पर जोर सुरक्षा तंत्र को आधुनिक बनाने के लिए रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में सीसीटीवी नेटवर्क के विस्तार तथा तकनीकी निगरानी प्रणाली को और मजबूत करने पर बल दिया गया। डीजी रेलवे ने जीआरपी, आरपीएफ और सिविल पुलिस के बीच बेहतर तालमेल बिस्थापित करने हेतु एक ‘सशक्त इंटीग्रेटेड कमांड स्ट्रक्चर’ विकसित करने की योजना पर चर्चा की, जिससे सूचनाओं का आदान-प्रदान त्वरित गति से हो सके। आगामी त्योहारों के लिए विशेष कार्ययोजना आगामी त्योहारों और विशेष अवसरों पर बढ़ने वाली यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए प्रभावी भीड़ प्रबंधन की रणनीति तैयार की गई है। संवेदनशील स्थलों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, गश्त व्यवस्था को और अधिक सक्रिय करने तथा संदिग्ध गतिविधियों पर सतत निगरानी रखने के लिए अधिकारियों को विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। इस बैठक से यह स्पष्ट है कि रेलवे प्रशासन और पुलिस विभाग मिलकर यात्रियों के सफर को सुरक्षित और सुखद बनाने के लिए पूरी तरह मुस्तैद हैं।















