फतेहपुर। आज स्पीक अप माइनारिटी के तहत उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष मिस्बाह-उल-हक ने प्रदेश को बधाई देते हुए कहा कि आज ही के दिन भारत गणराज्य में सिक्किम को 22वां राज्य का दर्जा 1975मे दिया गया। 1920मे भारतीय गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन का निधन से देश को विकसित भारत की बुनियाद को गहरी क्षति हुई। मिस्बाहुल हक ने कहा कि राजनीति लोकतंत्र का वह शस्त्र है जिससे शासन चलाने, जनहित की नीतियां बनाने अधिकारों की रक्षा करने और सत्ता का शान्ति पूर्ण स्थानांतरित करने का प्रमुख साधन है और यही से नागरिकों को प्रजा से अलग कर देखनें का काम लोकतांत्रिक मूल्यों की खातिर करना चाहिए। धार्मिक भावनाओं से जोड़ कर और क्षेत्रीय जातीय समीकरण के साथ बनी पार्टीयां बहुजातीय पहचान के साथ ध्रवीकरण के कारण लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए चूनौती बन गयी है। लेकिन कांग्रेस की विचारधारा इससे अलग मानव जीवन में असमानता के साथ सह अस्तित्व के भागीदारी बुनियाद पर खड़ी है।और विचारों में सामूहिक भागीदारी कर प्रतिनिधित्व बढ़ाना ही न्याय की परिधि में लाना जननायक राहुल गांधी का सपना है । संविधान में भी बंधुत्व के करुणा और सहिष्णुता से न्याय की ओर जाना संकल्प है। नफ़रत का कोई स्थान नहीं है। हक ने आगे कहा कि समानता न्याय और मानवाधिकार की आवाज़ का सच बिना जाने चुप नहीं रहा जा सकता इसलिए समुदायों मे बढ़ता असंतोष राजनीतिक नेतृत्व को पैरोल जैसा लग रहा है।अंत में मौलाना अबुल कलाम आज़ाद की उस बात को ताजा किया जिसमें उन्होंने कहा कि दुनिया के उन्नत राष्ट्र सहनशीलता और उदारता के उस प्राचीन संदेश के लिए हमारी तरफ टकटकी लगाए हुए हैं तो क्या यह सही होगा कि वर्ग वाद और संप्रदायवाद में फंसकर हम खुद को इस हद तक गिरा लें।
स्वतंत्र देश के नागरिक होने से इस खूबसूरत संदेश में कुटनीतिज्ञ पहल करनी होगी क्योंकि अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर सामने आ रही समस्या आजादी के वक्त से फिर वैसे ही हालात बन गए हैं।















