*ग्यारह हजार ग्रामीण बिजली-पानी संकट से बेहाल, विद्युत विभाग की सुस्ती से बढ़ी मुश्किलें*
सरीला(हमीरपुर): तेज आंधी-तूफान के छह दिन बाद भी जलालपुर थाना क्षेत्र के हरसुंडी, टाई, कदौरा और रिरुवा बुजुर्ग गांवों में बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है। करीब 11 हजार की आबादी अंधेरे में जीवन यापन करने को मजबूर है। भीषण गर्मी और उमस के बीच बिजली न होने से पेयजल संकट भी गहरा गया है, जिससे ग्रामीणों में विद्युत विभाग के प्रति भारी नाराजगी है। ग्रामीणों के अनुसार ममना पावर हाउस से जुड़े इन गांवों में आंधी के दौरान तीन दर्जन से अधिक बिजली पोल टूटकर गिर गए थे, जिससे पूरी लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। छह दिन बीत जाने के बावजूद न तो नए पोल पहुंचे हैं और न ही मरम्मत कार्य में अपेक्षित तेजी दिखाई दे रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग का कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर हालात का जायजा लेने तक नहीं पहुंचा।बिजली न होने से दुकानदारों का कारोबार प्रभावित हो रहा है। हरसुंडी निवासी दुकानदार राजू ने बताया कि फ्रिज बंद होने से कोल्ड ड्रिंक और ठंडे पानी की बिक्री ठप हो गई है। वहीं किसान रविंद्र ने बताया कि मूंग और सब्जियों की फसलें सिंचाई के अभाव में सूखने लगी हैं, जिससे भारी नुकसान की आशंका है। बिजली गुल होने से सरकारी और निजी वॉटर पंप भी बंद पड़े हैं। ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए दूर-दराज के हैंडपंपों का सहारा लेना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने विद्युत विभाग से तत्काल नए पोल लगाकर युद्धस्तर पर कार्य शुरू करने और जल्द बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग की है।















