सरीला (हमीरपुर)। क्षेत्र में इन दिनों बालू माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। स्थानीय प्रशासन की कथित सांठगांठ और एंट्री के खेल के चलते बेतवा नदी का सीना छलनी कर अवैध बालू खनन का काला कारोबार धड़ल्ले से फल फूल रहा है। बिना किसी प्रशासनिक डर के रात के अंधेरे से लेकर सुबह के उजाले तक ट्रैक्टरों की गूंज इस अवैध खेल की कहानी बयां कर रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जलालपुर थाना क्षेत्र के रिरुवा और बसरिया गांव में रात होते ही दर्जन भर ट्रैक्टर बेतवा नदी से बालू भरने के लिए कूच कर जाते हैं। बालू चोरी का यह पूरा खेल रात 10 बजे से शुरू होकर सुबह 8 बजे तक निरंतर चलता रहता है। चौंकाने वाली बात यह है कि बालू चोर खुलेआम एंट्री जमा होने का राग अलापते हैं, जिससे साफ जाहिर होता है कि उन्हें खाकी या प्रशासन का कोई खौफ नहीं है।
रिरुवा और बसरिया से अवैध रूप से उठाई गई बालू से भरी ट्रैक्टर ट्रालियां बेखौफ होकर क्षेत्र के हरसुंडी, ममना, पचखुरा, रहटिया और बांधुर सहित अन्य गांवों में पहुंच रही हैं। माफिया इस बालू को महंगे दामों में बेचकर मोटा मुनाफा कमा रहे हैं, जबकि दूसरी ओर इस अवैध कारोबार से शासन के राजस्व को हर दिन लाखों रुपये का चूना लग रहा है। क्षेत्र की जनता के बीच अब यह बड़ा सवाल कौंध रहा है कि यदि स्थानीय पुलिस और प्रशासन की इसमें कोई मिलीभगत एंट्री नहीं है, तो महीनों से चल रहे इस खुले खेल पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की गई। आखिर किसके संरक्षण में बेतवा नदी से बालू का यह अवैध दोहन किया जा रहा है। उपजिलाधिकारी सरीला रामकुमार गुप्ता ने कहा की बेतवा नदी या क्षेत्र में किसी भी तरह का अवैध खनन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संबंधित क्षेत्र की जांच कराकर दोषियों और बालू माफियाओं के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।















