*एसआरपी लक्ष्मी निवास मिश्र ने ली ऑनलाइन समीक्षा गोष्ठी; संवेदनशील रेल खंडों और मोड़ों पर चौबीसों घंटे रहेगी कड़ी नजर*
*संवाददाता- जाकिर अली*
गोरखपुर। चलती ट्रेनों में पथराव की घटनाओं को रोकने और रेल यात्रियों की सुरक्षा व सुगम आवागमन सुनिश्चित करने के लिए राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) अनुभाग ने पूरी तरह कमर कस ली है। पुलिस महानिदेशक रेलवे प्रकाश डी. एवं पुलिस महानिरीक्षक रेलवे लखनऊ रामकृष्ण भारद्वाज के कुशल निर्देशन में शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक रेलवे (एसआरपी) अनुभाग लक्ष्मी निवास मिश्र द्वारा एक महत्वपूर्ण ऑनलाइन समीक्षा गोष्ठी आयोजित की गई। इस वर्चुअल बैठक में मुख्य रूप से बलिया के पुलिस उपाधीक्षक रेलवे सवि रत्न गौतम और गोरखपुर के पुलिस उपाधीक्षक रेलवे श्री विनोद कुमार सहित अनुभाग के अंतर्गत आने वाले सभी थाना व चौकी प्रभारी शामिल हुए। पुराने अपराधियों का होगा सत्यापन, रखी जाएगी पैनी नजर बैठक के दौरान एसआरपी लक्ष्मी निवास मिश्र ने सख्त रुख अपनाते हुए सभी थाना और चौकी प्रभारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के ऐसे अपराधियों का तत्काल सत्यापन करें, जो पूर्व के वर्षों में रेल पथराव की घटनाओं में शामिल रहे हैं। इन सभी चिह्नित अराजक तत्वों की वर्तमान गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखने के आदेश दिए गए हैं, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके। ट्रैक किनारे बसे गांवों में चलेगा विशेष जागरूकता अभियान रेलवे पुलिस ने इस समस्या से निपटने के लिए सामाजिक स्तर पर भी प्रयास शुरू किए हैं। एसआरपी ने निर्देश दिया कि जिन रेल खंडों पर पूर्व में पथराव की घटनाएं घटित हो चुकी हैं, उन्हें संवेदनशील श्रेणी में रखकर वहां विशेष अभियान चलाया जाए। इसके तहत रेलवे ट्रैक के किनारे बसे गांवों के गणमान्य व संभ्रांत नागरिकों के साथ पुलिस बैठकें आयोजित करेगी, ताकि ग्रामीणों और युवाओं को इस गंभीर अपराध और इससे यात्रियों को होने वाले जान-माल के खतरे के प्रति जागरूक किया जा सके।
सादे कपड़ों में मुस्तैद रहेगी पुलिस, जीआरपी-आरपीएफ की होगी संयुक्त गश्त यात्रियों की सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए रणनीतिक कदम उठाते हुए पुलिस अधीक्षक ने कहा कि सभी संवेदनशील रेल खंडों, रेलवे ट्रैक के किनारे स्थित पुलों और महत्वपूर्ण मोड़ों पर सादे कपड़ों में पुलिस कर्मियों की विशेष टीमें तैनात की जाएं। ये टीमें पटरियों के आसपास बिना वजह घूमने वाले संदिग्ध व्यक्तियों पर पैनी नजर रखेंगी। इसके साथ ही, रेलवे के प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों में जीआरपी और आरपीएफ (रेलवे सुरक्षा बल) की संयुक्त टीम द्वारा सघन पैदल गश्त (फुट पेट्रोलिंग) कर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।















