*भू-माफियाओं के जालसाजी और पुलिस की एकतरफा कार्रवाई के खिलाफ गोरखपुर की बेटी ने खोला मोर्चा*
*जाकिर अली
गोरखपुर। जनपद के गोला तहसील क्षेत्र के ग्राम ब्यौरी की रहने वाली श्वेता पुत्री सतेंद्र ने भू-माफियाओं, जालसाजों और स्थानीय पुलिस के कुछ अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ को संबोधित एक ज्ञापन लेकर कमिश्नर आफीस के सामने अमर अनशन पर बैठ गई तत्काल महिला सिपाही ने उक्त महिला को वहा से उठाया और साहब के पास ले गई साहब ने प्रार्थना पत्र पढ़ने के बाद दिया आश्वासन तब जाकर महिला ने बात मानी बताया कि साहब ने सोमवार को बुलाया है। देखना है, पीड़िता महिला को इन्साफ मिलता है,या नहीं पीड़िता ने अपनी जमीन को कब्जामुक्त कराने, फर्जी मुकदमों की SIT जांच कराने और दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। सौंपे गए ज्ञापन में पीड़िता श्वेता ने एक बेहद हैरान करने वाले फर्जीवाड़े का खुलासा किया है। आरोप है कि विपक्षी मीना देवी और श्रीराम आदि ने एक कूट रचित (फर्जी) बैनामा तैयार किया है, जो 08 मई 1951 का दर्शाया गया है। मजेदार बात यह है कि जिस बनवारी के नाम यह बैनामा दिखाया गया है, उनका जन्म ही 13 सितंबर 1959 को हुआ था। पीड़िता का सवाल है कि किसी व्यक्ति के जन्म से 8 साल पहले उसके नाम बैनामा कैसे हो सकता है। इस जालसाजी को लेकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है। इसके अलावा, पीड़िता ने गोला थाने के सब इंस्पेक्टर आनंद कुमार और तत्कालीन थाना प्रभारी पर पद के दुरुपयोग का गंभीर आरोप लगाया है। आरोप है कि पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों को दरकिनार कर पीड़िता के भाई सूर्य प्रताप पर फर्जी तरीके से गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई की और उसकी छवि को धूमिल किया। साथ ही, गोला बाजार में पिता और भाई के साथ हुई मारपीट व मोबाइल तोड़े जाने की घटना के शिकायत के बावजूद अब तक पुलिस द्वारा कोई ठोस कार्रवाई न किए जाने पर भी आक्रोश जताया गया है। पीड़िता ने मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई और अपनी पैतृक जमीन (गाटा संख्या- 294ख, 295ख) को कब्जामुक्त कराने की मांग की है।















