गोरखपुर। विश्व शांति मिशन एवं भारतीय किसान यूनियन( सेकुलर) के अध्यक्ष अरुण कुमार श्रीवास्तव ने कर्नाटक के गृह मंत्री द्वारा आरएसएस से हिसाब किताब मांगने की बात पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे द्वारा मांगे गए आरएसएस के कागजों के संबंध में मोहन भागवत ने जवाब दिया है कि हिंदू धर्म का भी रजिस्ट्रेशन नहीं है इस पर प्रतिक्रिया करते हुए अरुण कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि आरएसएस हिंदू धर्म का ठेकेदार नहीं है और जिस तरह से प्रियांक खड़के द्वारा आर यस यस से रजिस्ट्रेशन कराने की बात कहने पर उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई है यह साबित करता है कि आरएसएस की गतिविधियां संदिग्ध हैं क्योंकि यह संगठन अपने आप को सांस्कृतिक संगठन बताता है और राजनीतिक क्रियाकलापों में लिप्त रहता है। इसके प्रत्यक्ष प्रमाण भी उपलब्ध हैं । यह नहीं समझ में आता की सरकार द्वारा किस आधार पर आरएसएस के प्रमुख को जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा देकर जनता के टैक्स के पैसे को बर्बाद किया जा रहा है। इसका हिसाब जनता को दिया जाना चाहिए । उन्होंने कहा कि लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री द्वारा कहा गया था कि आरएसएस दुनिया की सबसे बड़ी यन जी ओ है । अगर आरएसएस एक एनजीओ है तो उसका रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होना चाहिए और इसकी जांच होनी चाहिए कि आखिरकार उसके पास इतना धन कहां से आता है और इस धन का लेखा-जोखा कैसे रखा जाता है । इसकी जानकारी पूरे देश को होनी चाहिए। जिस तरह से प्रियांक खड़गे को जान से मारने की धमकी दी गई है वह राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की आरएसएस कार्यकर्ता द्वारा हत्या किए जाने की याद दिलाता है,इस पर अविलंब जाँच बैठा कर खुलासा करने की जरूरत है।















