लखनऊ में सोमवार को समाजवादी मजदूर सभा से जुड़े कार्यकर्ताओं ने मजदूरों और घरेलू कामगार महिलाओं की समस्याओं को लेकर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने थाली और चम्मच बजाकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर जनभवन की ओर कूच करने का प्रयास किया।
प्रदर्शनकारी दारुलशफा विधायक निवास से जनभवन की तरफ बढ़ रहे थे। इसी दौरान पुलिस ने RLD कार्यालय के पास बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक दिया। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच करीब 20 मिनट तक नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई। पुलिस ने आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर इको गार्डन भेज दिया।
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता भी शामिल हुईं। उनके हाथों में पोस्टर और तख्तियां थीं, जिन पर मजदूरों के शोषण को रोकने और सरकार से मजदूर हितों में कदम उठाने की मांग लिखी थी। कार्यकर्ताओं ने घरेलू कामगार महिलाओं के लिए अलग कल्याण बोर्ड गठित करने की मांग प्रमुखता से उठाई।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि घरेलू कामगार महिलाएं लंबे समय से सामाजिक सुरक्षा और अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रही हैं, लेकिन उनकी समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी व्यवस्था नहीं बनाई गई है। उनका आरोप है कि व्यवस्था के अभाव में घरेलू कामगार महिलाओं का शोषण बढ़ रहा है।
राष्ट्रीय सचिव राम गोपाल पुरी ने कहा कि मजदूरों और महिलाओं के अधिकारों की लड़ाई सड़क से लेकर सदन तक जारी रहेगी। उन्होंने सरकार से घरेलू कामगार महिलाओं के लिए जल्द कल्याण बोर्ड गठित करने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं होने पर प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा।















