झारखंड की राजधानी रांची से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है. यहां घर के पास खेल रहे दो मासूम भाई अचानक एक गहरे नाले में जा गिरे. इस हादसे में एक मां ने अपनी जान पर खेलकर अपने बड़े बेटे को तो मौत के मुंह से बाहर निकाल लिया, लेकिन महज ढाई साल का छोटा बेटा नाले की गहराई में समा गया. इस घटना के बाद पूरे इलाके में गम और सन्नाटा पसरा हुआ है. मामला कांटाटोली इलाके के गौस नगर (गली नंबर 7) का है.
जानकारी के अनुसार, अरशद के दो मासूम बेटे, ढाई वर्षीय फरहान और साढ़े तीन वर्षीय अरहम मंगलवार को घर के पास ही एक खाली मैदान में खेल रहे थे. खेलते-खेलते दोनों बच्चे पास ही स्थित एक बड़े नाले के किनारे चले गए. अचानक पैर फिसलने से दोनों भाई गहरे और गंदे पानी में गिर पड़े. जैसे ही बच्चों की मां, निकहत को इस बात की भनक लगी, वह बदहवास होकर नाले की ओर दौड़ीं. उन्होंने हिम्मत दिखाते हुए पानी में हाथ डालकर बड़े बेटे अरहम को सुरक्षित बाहर निकाल लिया. लेकिन छोटा बेटा फरहान तब तक गहरे पानी में डूबकर ओझल हो चुका था। शोर सुनकर स्थानीय लोग भी मदद के लिए दौड़े और काफी मशक्कत के बाद फरहान को बाहर निकाला गया. उसे तुरंत निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मासूम को मृत घोषित कर दिया.
चेतावनी के बाद भी टल न सका हादसा
पड़ोसियों का कहना है कि वे अक्सर बच्चों को नाले के पास जाने से टोकते थे. कई बार उनके पिता को भी इस खतरे से आगाह किया गया था. मां निकहत भी हमेशा बच्चों पर नजर रखती थीं, लेकिन मंगलवार को चंद लम्हों की लापरवाही ने सब कुछ उजाड़ दिया. रोती-बिलखती मां बार-बार यही कह रही थी कि अगर वह कुछ पल के लिए घर के अंदर न जाती, तो शायद उसका जिगर का टुकड़ा जिंदा होता.
पुलिस की कार्रवाई और मौत की वजह
सदर थाना प्रभारी कुलदीप कुमार ने बताया कि नाले के गंदे पानी में डूबने के कारण मासूम फरहान के पेट में काफी पानी चला गया था, जो संभवतः उसकी मौत का मुख्य कारण बना. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए रिम्स (RIMS) भेज दिया है. इस हादसे ने एक बार फिर खुले नालों और रिहायशी इलाकों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होने पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं.









