हमीरपुर (राठ)। उत्तर प्रदेश सरकार एक तरफ वृक्षारोपण के नाम पर करोड़ों रुपए खर्च कर रही है, वहीं दूसरी ओर जनपद हमीरपुर की राठ विधानसभा में लकड़ी माफियाओं ने पर्यावरण की धज्जियां उड़ा रखी हैं। आलम यह है कि नियमों को ताक पर रखकर छूट प्रजाति की आड़ में वर्षों पुराने विशालकाय हरे पेड़ों का कत्लेआम सरेआम जारी है। विधायक की आवाज को भी माफियाओं ने किया दरकिनार हैरानी की बात यह है कि राठ विधानसभा की विधायक मनीषा अनुरागी द्वारा विधानसभा में इस अवैध कटान के विरुद्ध पुरजोर तरीके से आवाज उठाई थी। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि विधायक की इस पहल को भी दरकिनार कर लकड़ी माफिया बेखौफ होकर अपनी कुल्हाड़ियाँ और मशीने चला रहे हैं। क्या माफियाओं का रसूख स्थानीय शासन-प्रशासन से भी बड़ा हो गया है। अवैध अड्डिंयों से तस्करी का खेल सूत्रों की मानें तो राठ विधानसभा क्षेत्र में दर्जनों अवैध लकड़ी की अड्डियां संचालित हैं। माफिया दिन की रोशनी में पेड़ों की कटान होती है और रात के अंधेरे में ट्रकों के जरिए इन लकड़ियों को बाहरी जनपदों और राज्यों में तस्करी किया जा रहा है।
प्रशासन की चुप्पी पर उठ रहे सवाल
वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में भरकर विशालकाय तनों को ले जाया जा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि वन विभाग और स्थानीय प्रशासन ने अपनी आँखों पर पट्टी बांध ली है। शिकायत के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई न होना, कहीं न कहीं बड़े भ्रष्टाचार और मिलीभगत की ओर इशारा करता है। वन क्षेत्रअधिकारी सत्येंद्र सिंह ने बताया की मे हमीरपुर मीटिंग मे हूँ जानकारी कर जाँच कर कार्यवाही की जाएगी।















