हमीरपुर : विकासखंड राठ क्षेत्र के ग्राम पंचायत औड़ेरा के ग्रामीणों के अनुसार जिला पंचायत निधि से लाखों रुपये की लागत से करीब 200 मीटर लंबे नाले का निर्माण कराया गया था, लेकिन निर्माण में मानकों की अनदेखी कर घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया। आरोप है कि नाला निर्माण के महज 6 माह बाद ही जगह-जगह दरकने और टूटने लगा, जिससे घटिया निर्माण की पोल खुल गई।
ग्रामीणों का कहना है कि अधूरा और मानकविहीन निर्माण को कागजों में पूर्ण दिखाकर भुगतान करा लिया गया। आरोप है कि विकास कार्य के नाम पर लाखों रुपये का गबन किया गया, जबकि जमीनी हकीकत में टूटा नाला अब ग्रामीणों के लिए मुसीबत बना हुआ है।
ग्रामीणों ने बताया कि कई बार शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों, ठेकेदारों और जनप्रतिनिधियों ने मामले को नजरअंदाज किया। 4 साल बीत जाने के बाद भी मानकविहीन नाला निर्माण कराने वाले लापरवाह ठेकेदारों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई और न ही नाले की मरम्मत कराई गई। ग्रामीणों का आरोप है कि “नाला टूटा तो विकास की हकीकत भी सामने आ गई”, लेकिन जिम्मेदार अब भी मौन हैं। घटिया निर्माण और भ्रष्टाचार के आरोपों ने जिला पंचायत निधि से कराए गए विकास कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोबारा गुणवत्तापूर्ण नाला निर्माण कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।















