पलिया, लखीमपुर खीरी। पलिया विधानसभा क्षेत्र के पलिया ब्लॉक में शुक्रवार को दिव्यांगजनों की सहायता और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विधायक रोमी साहनी के नेतृत्व में दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की ‘कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण वितरण योजना’ के तहत पात्र दिव्यांगजनों को उनकी जरूरत के अनुसार कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण वितरित किए गए। इस पहल का उद्देश्य दिव्यांगजनों को दैनिक जीवन में सहूलियत उपलब्ध कराने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन जीने के लिए प्रोत्साहित करना रहा। कार्यक्रम के दौरान उपकरण प्राप्त करने वाले लाभार्थियों के चेहरों पर खुशी दिखाई दी। लाभार्थियों ने इस सहायता के लिए विधायक और सरकार की पहल के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के निरंतर सेवाकाल की जनकल्याणकारी उपलब्धियों को लोगों तक पहुंचाने और ‘विकसित भारत 2047’ के राष्ट्रीय संकल्प से नागरिकों को जोड़ने के उद्देश्य से आयोजित बताया गया। आयोजकों के अनुसार, सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से जनकल्याणकारी योजनाओं और समाज के जरूरतमंद वर्गों तक सहायता पहुंचाने के प्रयासों को सामने लाने पर जोर दिया गया।
जरूरतमंद दिव्यांगजनों को उपलब्ध कराए गए सहायक उपकरण
पलिया ब्लॉक में आयोजित कार्यक्रम के दौरान दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को उनकी जरूरत के मुताबिक कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण दिए गए। इन उपकरणों का उद्देश्य दिव्यांगजनों को रोजमर्रा के कामकाज में मदद उपलब्ध कराना और उनकी व्यक्तिगत जरूरतों को पूरा करने में सहयोग देना है। दिव्यांगजनों के लिए कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण कई परिस्थितियों में उपयोगी साबित होते हैं। इनकी मदद से लाभार्थियों को आवागमन, दैनिक गतिविधियों और अपने जरूरी कार्यों को पूरा करने में सहूलियत मिल सकती है। जरूरत के अनुरूप उपकरण उपलब्ध होने से व्यक्ति की दूसरों पर निर्भरता कम करने और आत्मविश्वास बढ़ाने में भी मदद मिल सकती है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम में पात्र लाभार्थियों को सहायता प्रदान की गई। हालांकि, कार्यक्रम में वितरित किए गए उपकरणों की कुल संख्या और लाभार्थियों की संख्या के संबंध में विस्तृत आंकड़े उपलब्ध नहीं कराए गए। कार्यक्रम का मुख्य जोर इस बात पर रहा कि दिव्यांगजनों को केवल सहायता उपलब्ध कराने तक सीमित न रहा जाए, बल्कि उन्हें समाज में समान अवसर और सम्मान के साथ जीवन जीने के लिए प्रोत्साहित भी किया जाए।
‘अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे योजनाओं का लाभ’
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पलिया विधायक रोमी साहनी ने कहा कि उनकी हमेशा कोशिश रहती है कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े जरूरतमंद व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ सीधे पहुंचे। उन्होंने दिव्यांगजनों के कल्याण और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने को महत्वपूर्ण बताया। विधायक ने कहा कि उनका लक्ष्य दिव्यांग भाइयों और बहनों को आत्मनिर्भर बनाना, उन्हें समाज में पूरा सम्मान दिलाना और बेहतर जीवन जीने के अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जरूरतमंद लोगों को योजनाओं का लाभ मिलना चाहिए, ताकि वे अपने जीवन की चुनौतियों का सामना अधिक आत्मविश्वास के साथ कर सकें। रोमी साहनी के अनुसार, जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि जरूरतमंद लोगों तक सरकारी योजनाओं की जानकारी और सहायता पहुंचे। विशेष रूप से दिव्यांगजनों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप उपकरण उपलब्ध कराना उनके दैनिक जीवन को आसान बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कार्यक्रम में वितरित किए गए कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण इसी उद्देश्य से जुड़े रहे। सहायता मिलने से लाभार्थियों को अपने दैनिक कार्यों में सहूलियत मिलने की उम्मीद है।
उपकरण पाकर लाभार्थियों के चेहरे खिले
वितरण समारोह के दौरान जब पात्र दिव्यांगजनों को उनकी जरूरत के अनुसार उपकरण दिए गए, तो उनके चेहरों पर खुशी दिखाई दी। लाभार्थियों ने इस पहल के लिए विधायक रोमी साहनी और सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। दिव्यांगजनों के लिए सहायक उपकरण केवल एक सुविधा नहीं, बल्कि उनकी रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में मददगार साधन भी होते हैं। कई बार आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता व्यक्ति को अपने कार्य स्वयं करने और सामाजिक गतिविधियों में अधिक सक्रिय रूप से हिस्सा लेने में सहायता देती है। ऐसे में जरूरतमंद लाभार्थियों को कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण उपलब्ध कराना उनके जीवन में व्यावहारिक बदलाव लाने की दिशा में महत्वपूर्ण हो सकता है। कार्यक्रम में लाभार्थियों की खुशी ने इस तरह की सहायता के महत्व को भी रेखांकित किया। हालांकि, उपकरण प्राप्त करने के बाद लाभार्थियों के जीवन में किस तरह के बदलाव आएंगे, इसका आकलन समय के साथ ही किया जा सकेगा। फिलहाल, वितरण कार्यक्रम के माध्यम से पात्र दिव्यांगजनों को उनकी जरूरतों के अनुरूप सहायता उपलब्ध कराई गई।
‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प से जोड़ने की पहल
कार्यक्रम को ‘विकसित भारत 2047’ के राष्ट्रीय संकल्प से जोड़कर भी देखा गया। आयोजन का उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के निरंतर सेवाकाल की जनकल्याणकारी उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाना और लोगों को देश के विकास से जुड़े सामूहिक लक्ष्य के प्रति जागरूक करना बताया गया। ‘विकसित भारत 2047’ का लक्ष्य देश के भविष्य को लेकर एक व्यापक राष्ट्रीय संकल्प के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। इस संदर्भ में समाज के विभिन्न वर्गों की भागीदारी और जरूरतमंद नागरिकों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने पर जोर दिया जाता है।दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराने जैसी पहल का महत्व इस दृष्टि से भी है कि विकास का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंच सके। दिव्यांगजनों को सुविधाएं उपलब्ध कराना, उनकी आवश्यकताओं को समझना और उन्हें सम्मानजनक जीवन के अवसर देना समावेशी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण माना जाता है। पलिया ब्लॉक में आयोजित कार्यक्रम के माध्यम से इसी तरह के जनकल्याणकारी प्रयास को सामने रखा गया। आयोजन में दिव्यांगजनों को सहायता देने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर जीवन की ओर बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
कार्यक्रम में गणमान्य लोग और विभागीय कर्मचारी रहे मौजूद
कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र के गणमान्य लोग, पार्टी कार्यकर्ता तथा संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। उनकी मौजूदगी में पात्र लाभार्थियों को कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण वितरित किए गए। दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की योजना के अंतर्गत इस तरह के कार्यक्रमों का उद्देश्य पात्र लोगों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना है। इसके लिए लाभार्थियों की जरूरत के अनुसार उपकरणों का वितरण महत्वपूर्ण होता है, ताकि सहायता वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप हो। पलिया में आयोजित इस कार्यक्रम में भी जरूरतमंद दिव्यांगजनों को उपकरण उपलब्ध कराकर उन्हें सहूलियत देने का प्रयास किया गया। विधायक रोमी साहनी ने अपने संबोधन में आत्मनिर्भरता और सम्मान को प्राथमिकता देने की बात कही।कुल मिलाकर, पलिया ब्लॉक में आयोजित ‘सेवा संकल्प अभियान’ का यह कार्यक्रम दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराने और उन्हें जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने पर केंद्रित रहा। अब इस तरह की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और पात्र लाभार्थियों तक सहायता पहुंचाने की निरंतरता महत्वपूर्ण होगी, ताकि जरूरतमंद लोगों को समय पर सुविधाएं मिल सकें और वे अधिक आत्मनिर्भरता के साथ अपना जीवन आगे बढ़ा सकें।















