किरण शर्मा
एपेक्स हॉस्पिटल वाराणसी में हाई-डोज़ थैरेपी आयोडीन और लयूटोशियम टार्गेट थैरेपी की शुरुआत से पूर्वांचल में थायो राईड एवं प्रोस्टेट कैंसर के किफायती उन्नत उपचार को मिली नई दिशा। वाराणसी। पूर्वांचल में कैसर उपचार के लिए एक ऐतिहासिक कदम, एपेक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल ऐंड पीजीआई, वाराणसी के न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग में अब हाई-डोज़ रेडियोएक्टिव थेरेपी आयोडीन तथा ल्यूटेशियम आधारित टार्गेटेड थेरेपी की उन्नत सुविधा उपलब्ध है। यह सेवा परमाणु ऊर्जा नियामक परिषद (एईआरबी) की मान्यता एवं निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरुप संचालित की जा रही है। एपेक्स की निर्देशिका कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ अंकिता पटेल ने बताया कि यह उपचार टार्गेटेड तकनीक पर आधारित है, जहाँ उपचार का प्रभाव मुख्य रूप से कैंसर-ग्रस्त कोशिकाओं या बीमारी वाले हिस्से पर केंद्रीत रहता है। इस स्तर की उन्नत सुविधा देश में केवल बहुत ही गिने-चुने केन्द्रों पर उपलब्ध है। एपेक्स के न्यूक्लियर मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ अजय सिंह सूरज एवं विशिष्ट अतिथि एसजीपीजीआई, लखनऊ के न्यूक्लीयर मेडिसन विभागाध्यक्ष प्रो पीके प्रधान ने स्पष्ट किया कि आयोडीन 131 थेरेपी, थायोरॉइड कैंसर, बार-बार होने वाले या फैले हुए थायोरॉइड रोग, हाइपरथायोरॉयडिज़म (थायोरॉइड का ज्यादा काम करना) के उपचार में बीमार कोशिकाओं को खत्म करती है। ल्यूटेशियम 177 प्रोस्टेट थेरेपी द्वारा मेटास्टेसिस प्रोस्टेट कैंसर जो शरीर में फैल चुका हो और पारम्परिक दवाओं से कंट्रोल न हो, प्रोस्टेट कैंसर कोशिकाओं के खास रेसेप्टर से चिपक कर अंदर से कैंसर को नष्ट करती है। उद्द्घाटन समारोह के अवसर पर मुख्य अतिथि आईएम बीएचयू के प्रोफेसर एवं पूर्व विभागाध्यक्ष इन्टरनल मेडिसन पद्मश्री डॉ एसएस अग्रवाल एवं एपेक्स के चेयरमैन प्रो डॉ एसके सिंह ने बताया कि अब वाराणसी के एपेक्स हॉस्पिटल में इसकी शुरुआत से थायोरॉइड एवं प्रोस्टेट कैंसर के उन्नत उपचार में पूर्वाञ्चल क्षेत्र में किफायती अत्याधुनिक न्यूक्लियर मेडिसिन थैरेपी को नई पहचान मिलेगी। इस अवसर पर कैंसर रोग विशेषज्ञों सहित आईएमएस बीएचयू के डायरेक्टर प्रो एसएन संखवार एवं वरिष्ठ कैंसर सर्जन प्रो डॉ मनोज पांडे उपस्थित रहे। उद्घाटन समारोह के उपरांत विशषज्ञों द्वारा हाई-डोज रेडियोएक्टिव थैरेपी पर एक शैक्षिक वैज्ञानिक सत्र का भी आयोजन किया गया।














