– छात्रों के लिए समान अवसर व सामाजिक समरसता की उठाई मांग
– पटेलनगर चौराहे पर प्रदर्शन करते युवा अधिवक्ता व विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी।
फतेहपुर। यूजीसी द्वारा हाल ही में लागू किए गए जाति आधारित भेदभाव निरोधक नियमों को लेकर समाज के विभिन्न वर्गों में फैल रही भ्रांतियों और आशंकाओं पर बड़ा कदम उठाया गया। युवा अधिवक्ताओं व समाजसेवी संगठनों के पदाधिकारियों ने बड़ी संख्या में पटेलनगर चौराहे पर एकत्र होकर जमकर हो-हल्ला किया तत्पश्चात कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को ज्ञापन भेजा गया। जिसमें नियमों की स्पष्ट परिभाषा, निष्पक्ष जांच व्यवस्था और सभी छात्रों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने की मांग की। युवा अधिवक्ता शाश्वत गर्ग की अगुवई में बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं के अलावा स्वर्ण आर्मी, युवा विकास समिति के अलावा अन्य संगठन पटेलनगर चौराहे पर एकत्र हुए। जहां यूजीसी के नए नियमों को लेकर जमकर हो-हल्ला किया। तत्पश्चात जुलूस की शक्ल में नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजकर कहा गया कि नए नियमों की अस्पष्टता के कारण विश्वविद्यालयों में अविश्वास और भय का माहौल बन रहा है, जो स्वस्थ शैक्षणिक वातावरण के लिए घातक है। मांग की गई कि नियम शिक्षण-सम्बंधित हों, व्यक्तिगत नहीं, शिकायतों की निष्पक्ष जांच हो और हर वर्ग के लिए समान दंड व्यवस्था लागू की जाए। कहा कि शिक्षण संस्थान राष्ट्र-निर्माण की नींव हैं; इन्हें सामाजिक विभाजन का केंद्र नहीं बनने दिया जाए। सरकार से आग्रह किया गया कि नवीन यूजीसी नियमों का पुनर्गठन/पुनर्विचार कर सभी वर्गों को एक समान नियमों के दायरे में लाया जाए, ताकि एक भारत, श्रेष्ठ भारत की भावना मजबूत हो। ज्ञापन में समाज की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए तत्काल समाधान की मांग की गई। जिससे उच्च शिक्षण संस्थानों में समान अवसर, सामाजिक सद्भाव और योग्यता आधारित व्यवस्था सुदृढ़ हो सके। इस मौके पर अभय सिंह, अभय शुक्ल, सुरेन्द्र सिंह उर्फ शुभम, सिद्धार्थ दुबे, विजय तिवारी, अजय गुप्ता, मोनू लाला सहित तमाम लोग मौजूद रहे।















