किरण शर्मा
वाराणसी: आर्य महिला पी.जी. कॉलेज की राष्ट्रीय सेवा योजना की इकाई ‘ए’ और ‘डी’ द्वारा आयोजित सप्त दिवसीय विशेष शिविर का आज तीसरा दिन संपन्न हुआ। इकाई ‘ए’ का कार्यक्रम दुर्गाकुंड मलिन बस्ती और इकाई ‘डी’ का कार्यक्रम बनकटी हनुमान मंदिर, भेलूपुर में आयोजित किया गया। इस अवसर पर “नारी सुरक्षा–कराटे प्रशिक्षण एवं कौशल विकास अभियान” विषय पर स्वयंसेविकाओं को सशक्त बनाने के लिए विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्वयंसेविकाओं में महिला सुरक्षा, आत्मरक्षा और कौशल विकास के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उनमें आत्मविश्वास एवं आत्मनिर्भरता की भावना विकसित करना था। प्रातःकालीन सत्र में सेंसाई ज्योति सोनकर (तीसरा डैन काला पट्टा) ने स्वयंसेविकाओं को कराटे तकनीक और संकट की परिस्थितियों में साहस व संयम बनाए रखने के उपायों का प्रशिक्षण दिया। स्वयंसेविकाओं ने उत्साहपूर्वक विभिन्न कराटे तकनीकों का अभ्यास किया और आत्मरक्षा के महत्व को समझा। भोजन के बाद आयोजित सृजनात्मक गतिविधियों में स्वयंसेविकाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। समूह नृत्य में “सशक्त नारी, सुरक्षित समाज” विषय पर प्रेरक प्रस्तुति दी गई, जबकि नुक्कड़ नाटक के माध्यम से “कराटे और आत्मरक्षा से आत्मनिर्भर नारी” संदेश प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। इसके साथ ही निबंध लेखन प्रतियोगिता का विषय था “कराटे और आत्मरक्षा से बढ़ता महिला आत्मविश्वास” और पोस्टर प्रतियोगिता का विषय था “आत्मरक्षा ही आत्मसम्मान है”। स्वयंसेविकाओं ने इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से महिला सुरक्षा और आत्मरक्षा के महत्व को रचनात्मक रूप में प्रदर्शित किया। कार्यक्रम का सफल संचालन इकाई ‘ए’ की कार्यक्रम अधिकारी डॉ. स्वप्ना बंद्योपाध्याय और इकाई ‘डी’ की कार्यक्रम अधिकारी डॉ. ममता गुप्ता के निर्देशन में किया गया। राष्ट्रीय सेवा योजना की स्वयंसेविकाओं ने भी उत्साहपूर्वक सक्रिय योगदान दिया। यह पहल न केवल स्वयंसेविकाओं में आत्मरक्षा और महिला सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने में सहायक रही, बल्कि समाज में नारी सशक्तिकरण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित हुई। उपस्थितियां: इस कार्यक्रम में कुल 100 स्वयंसेविकाएँ उपस्थित रहीं और सक्रिय भागीदारी निभाई।














