फतेहपुर। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आशुतोष द्वितीय ने दो माह पूर्व घर मे घुसकर मारपीट एवं लूटपाट करने के एक प्रार्थना पत्र की सुनवाई करते हुए कोतवाली पुलिस को सुसंगत धाराओ में 15 दिनो के अन्दर मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने का आदेश दिया है।
विवरण के अनुसार सदर कोतवाली के ग्राम बंकन्धा की रहने वाली बीबी बेगम उर्फ हसीना बानों पत्नी मो0 हफीज ने अपने वरिष्ठ अधिवक्ता संतोष कुमार के माध्यम से सीजेएम की अदालत में अन्तर्गत धारा 173 (4) भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत प्रार्थना पत्र देकर बताया था कि गांव के नसीम, अफसीन जहॉ पत्नी सलीम, नाजिया पत्नी नसीम अली, शबीना पुत्री नसीर गैंग बनाकर लोगो को फर्जी संगीन मुकदमो में फंसाकर ब्लैकमेल करके पैसा ऐठने का धंधा करते है। उसका देवर मो0 सलमान अक्सर रोजगार के सिलसिले से बाहर रहता है और अभी भी बाहर है लेकिन अफसीन जहॉ जिसके बड़े बड़े बच्चे है। वह उसके देवर सलमान को बलात्कार के मुकदमे में फंसाकर जेल भेजना चाहती है और शादी का जबरन दबाव बना रही है। 24 मार्च को सुबह 8 बजे जब वह अपने घर पर बैठी थी तभी नसीम सहित उपरोक्त लोग घर पर चढ़ाई लेकर आ गए और सलमान को बुलाने लगे। इसके बाद घर में घुसकर सामान की तोड़फोड़ करने लगे। घर में रखा एक मंगलसूत्र चांदी की पायल अफसीन ने लूट लिया इसके अलावा नसीम ने घर में रखे 5600 सौ रूपये लूट लिए। मारपीट करते हुए जान से मारने की घमकी देते हुए भाग गए। इस घटना की सूचना उसी दिन कोतवाली में दी लेकिन पुलिस ने रपट लिखने से इन्कार कर दिया था। इसके बाद उसने एसपी को भी शिकायती पत्र दिया था लेकिन कारवाई न होने पर अदालत की शरण ली थी। विद्वान मजिस्ट्रेट ने वादिनी के कथन एवं अधिवक्ता संतोष कुमार द्वारा दाखिल किये गए प्रपत्रो व कोतवाली पुलिस की आख्या का संज्ञान लेते हुए कोतवाली पुलिस को मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है।















