*संवाददाता- जाकिर अली*
गोरखपुर | उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (रेलवे),प्रकाश डी. ने आज दौरा कर रेलवे सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने GRP लाइन के सभागार में अपराध समीक्षा बैठक (गोष्ठी) की और थाने का गहन निरीक्षण किया। डीजी रेलवे ने स्पष्ट किया कि यात्रियों की सुरक्षा और अपराध नियंत्रण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रमुख निर्देश और रणनीतियां: बैठक के दौरान महानिदेशक ने अधिकारियों को निम्नलिखित बिंदुओं पर कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए: पत्थरबाजी और ट्रैक सुरक्षा: रेलवे ट्रैक पर अवरोध उत्पन्न करने और ट्रेनों पर पत्थरबाजी करने वाली घटनाओं पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाएगी। संवेदनशील स्थानों को चिन्हित कर वहां के निवासियों को जागरूक करने का अभियान चलाया जाएगा। यात्री सुरक्षा (मिशन शक्ति): महिलाओं की सुरक्षा के लिए ‘मिशन शक्ति’ के तहत 90 दिवसीय कार्यशाला के निर्देशों का सख्ती से पालन होगा। छेड़खानी, जहरखुरानी, चोरी और छिनैती जैसी घटनाओं को रोकने के लिए विशेष कार्य योजना तैयार की गई है। डिजिटल पुलिसिंग और सत्यापन: सभी थाना प्रभारियों को ‘यक्ष’ ऐप, ‘ई-साक्ष्य’ और ‘ई-समन’ जैसे डिजिटल टूल्स का प्रभावी उपयोग करने को कहा गया है। साथ ही, स्टेशन परिसर में कार्यरत कुली, वेंडर और ऑटो चालकों के सत्यापन का कार्य तेज करने का आदेश दिया गया। ऑपरेशन कन्विक्शन: अपराधियों को सजा दिलाने के लिए न्यायालयों में प्रभावी पैरवी करने और पुराने अपराधियों की निगरानी के लिए ‘सी-प्लान’ ऐप का उपयोग करने पर जोर दिया गया। थाने और स्टेशन परिसर का निरीक्षण गोष्ठी के बाद, महानिदेशक ने GRP थाना,मालखाना, बंदीगृह और महिला हेल्प डेस्क का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने स्टेशन के प्लेटफार्म, सर्कुलेटिंग एरिया और वेटिंग हॉल का पैदल भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं को परखा। पुलिस कर्मियों की समस्याओं का समाधान डीजी रेलवे ने केवल निर्देश ही नहीं दिए, बल्कि पुलिस कर्मियों की व्यक्तिगत समस्याओं को सुनने के लिए ‘सैनिक सम्मेलन’ भी किया। उन्होंने अधीनस्थ अधिकारियों को जवानों की समस्याओं का त्वरित निस्तारण करने के निर्देश दिए ताकि बल का मनोबल बना रहे। इस अवसर पर उनके साथ पुलिस अधीक्षक रेलवे (SP) श्री लक्ष्मी निवास मिश्र, क्षेत्राधिकारी (CO) रेलवे बलिया सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।















