*संवाददाता- जाकिर अली*
गोरखपुर। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर गोरखपुर से आए सैकड़ों बिजली कर्मचारियों ने सोमवार को पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम मुख्यालय (भिखारीपुर, वाराणसी) पर विशाल जन-जागरण रैली और विरोध सभा की। कर्मचारियों ने प्रबंधन की मनमानी नीतियों और निजीकरण के प्रयासों के खिलाफ जोरदार आवाज उठाई। दमनकारी नीतियां बदलें! मई 2025 में सेवा नियमों में किए गए संशोधनों को तानाशाहीपूर्ण बताते हुए बिना जांच बर्खास्तगी के प्रावधान को रद्द करने की मांग की गई। उत्पीड़न पर रोक! मार्च 2023 के आंदोलन के दौरान कर्मचारियों पर दर्ज एफआईआर, निलंबन और दूरस्थ स्थानांतरण तत्काल वापस लिए जाएं।
निजीकरण का विरोध,वक्ताओं ने कहा कि आगरा और ग्रेटर नोएडा में निजी कंपनियों के खराब प्रदर्शन से साबित होता है कि निजीकरण उपभोक्ताओं के हित में नहीं है। संविदा कर्मियों की बहाली, डाउनसाइजिंग के नाम पर हटाए गए संविदा कर्मचारियों को वापस काम पर रखने की मांग की गई।
बिजली कर्मियों का संकल्प: हम भीषण गर्मी में उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। लेकिन प्रबंधन को भी कर्मचारियों को विश्वास में लेकर कार्ययोजना बनानी होगी। यह लड़ाई सिर्फ हमारी नहीं, बल्कि सस्ती और सुलभ बिजली बचाने के लिए जनता की भी है। इस विरोध सभा को मुख्य रूप से संघर्ष समिति के संयोजक पुष्पेन्द्र सिंह सहित जीवेश नन्दन, जितेन्द्र कुमार गुप्त, सीबी उपाध्याय और अन्य पदाधिकारियों ने संबोधित किया।















