*गोला क्षेत्र की घटना: चांदी लूटकर भाग रहे बदमाशों से भिड़ गई थी अमृता, 36 घंटे में दोनों अभियुक्त गिरफ्तार*
*संवाददाता- जाकिर अली*
गोरखपुर। जनपद के गोला थाना क्षेत्र में एक युवती के असाधारण साहस और सूझबूझ ने न केवल अपराध को नाकाम किया, बल्कि समाज के सामने बहादुरी की एक नई मिसाल पेश की है। गोला स्थित ‘देवाश स्वर्ण कला केन्द्र’ में हुई लूट की कोशिश के दौरान संचालक की पुत्री अमृत वर्मा ने अपनी जान की परवाह किए बिना बदमाशों का मुकाबला किया। उनकी इसी बहादुरी के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ० कौस्तुभ ने उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया है। मिली जानकारी के अनुसार, बीते 27 अप्रैल को देवाश स्वर्ण कला केन्द्र पर दो अज्ञात युवक चांदी की अंगूठी खरीदने के बहाने आए थे। दुकान का संचालन अमृता वर्मा और उनके पिता करते हैं। जैसे ही अमृता ने उन्हें अंगूठियां दिखानी शुरू कीं, मौका पाकर दोनों युवकों ने पास में रखी झालियों की पुड़िया झपटी और भागने लगे।
शेरनी की तरह भिड़ गई अमृता अचानक हुई इस वारदात से घबराने के बजाय अमृता ने अदम्य साहस का परिचय दिया। उन्होंने तत्काल चोरों का पीछा किया और अत्यंत बहादुरी के साथ उनसे भिड़ गईं। परिस्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिस धैर्य और समझदारी से उन्होंने मुकाबला किया, वह पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई: 36 घंटे में सलाखों के पीछे
घटना की सूचना मिलते ही गोरखपुर पुलिस ने तत्परता दिखाई। पुलिस टीम ने कुशल घेराबंदी और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर महज 36 घंटे के भीतर दोनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने अमृता वर्मा के इस साहसिक कार्य की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि अमृता का यह कदम अन्य महिलाओं और युवाओं के लिए प्रेरणादायक है। पुलिस कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान एसएसपी ने अमृता को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। परिस्थिति चाहे कितनी भी कठिन हो,अगर मन में धैर्य और साहस हो तो अपराधी के मंसूबों को नाकाम किया जा सकता है। अमृता वर्मा ने यही साबित किया है।















