*संवाददाता- जाकिर अली*
गोरखपुर । समेत आसपास के जिलों में बुधवार शाम अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। तेज धूल भरी आंधी के साथ हुई मूसलाधार बारिश ने जहाँ लोगों को भीषण गर्मी से राहत दी है, वहीं जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। आंधी का तांडव और बिजली गुल शाम होते ही आसमान में काली घटाएं छा गईं और देखते ही देखते तेज रफ्तार आंधी शुरू हो गई। आंधी की तीव्रता इतनी अधिक थी कि शहर से लेकर देहात तक कई जगहों पर पेड़ों की टहनियां टूटकर गिर गईं। एहतियात के तौर पर प्रशासन ने पूरे जिले की बिजली काट दी है, जिससे शहर के कई इलाके अंधेरे में डूब गए हैं। गर्मी से राहत, फसलों को चिंता पिछले कुछ दिनों से पड़ रही चिलचिलाती धूप और लू से परेशान लोगों के लिए यह बारिश सुकून बनकर आई है। तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, 5-10 पर अंधेरा छा गया जहां इन दोनों 6:00 बजे दिन डूब रहे थे वहीं आज 5:10 मि0 पर पूरे जिले के आसपास इलाकों में लगभग रात जैसा अच्छा गया तेज आंधी पानी के साथ बिजलियों का भी गिरने का असर दिखाई दिया जिससे मौसम खुशनुमा हो गया है। हालांकि, ग्रामीण क्षेत्रों में आम की फसलों को इस आंधी से नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। आसपास के जिलों का हाल रिपोर्ट्स के अनुसार, गोरखपुर के अलावा देवरिया, कुशीनगर, महराजगंज और बस्ती जिले में भी तेज हवाओं के साथ बारिश हो रही है। नेशनल हाईवे पर विजिबिलिटी कम होने के कारण वाहनों की रफ्तार थम गई है। प्रशासन की अपील मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों तक रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना जताई है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान जर्जर भवनों और पेड़ों के नीचे शरण न लें और बिजली के खंभों से दूर रहें।
मुख्य बिंदु: प्रभावित क्षेत्र: गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया और महराजगंज। मुख्य कारण: पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय दबाव। नुकसान: कई जगहों पर टिन शेड उड़े, बिजली आपूर्ति बाधित।















