किरन शर्मा
वाराणसी। उत्तर प्रदेशीय चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने कर्मचारियों एवं रसोइयों की विभिन्न समस्याओं को लेकर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से मुलाकात कर नाराजगी जताई। महासंघ के प्रांतीय संरक्षक मुन्नूलाल रावत के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि 16 फरवरी को पांच सूत्रीय मांगों का ज्ञापन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अनुराग श्रीवास्तव को सौंपा गया था, जिसमें बेसिक शिक्षा परिषद के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की लिपिकीय पद पर पदोन्नति, संगठन के लिए कार्यालय उपलब्ध कराने, विद्यालयों में कार्यरत रसोइयों के कार्य घंटे निर्धारित करने, उत्पीड़न रोकने तथा निकाली गई रसोइयों को पुनः कार्य पर रखने की मांग शामिल थी। महासंघ का आरोप है कि लगभग तीन माह बीत जाने के बावजूद विभागीय स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिससे कर्मचारियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। इसी क्रम में 5 मई को महासंघ का प्रतिनिधिमंडल पुनः बीएसए कार्यालय पहुंचा और मामले की शिकायत की। इस पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने संबंधित पटल सहायकों को बुलाकर असंतोष व्यक्त किया तथा समस्याओं का शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए। जिला अध्यक्ष बद्री प्रसाद ने कहा कि मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश शासन द्वारा सभी विभागीय अधिकारियों को कर्मचारी संगठनों की समस्याओं के समाधान हेतु प्रत्येक 15 दिन में बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक पखवाड़े के भीतर मांगों का समाधान नहीं किया गया तो महासंघ कर्मचारियों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए धरना-प्रदर्शन करने को बाध्य होगा। प्रतिनिधिमंडल में गंगा राम, राधिका रंजन तिवारी, शहजाद अहमद, चंचल मौर्य, आलोक शास्त्री, माया देवी, रेशमलाल, रेखा, सरोज गिरी, विनोद त्रिपाठी और शेरबहादुर सिंह सहित कई कर्मचारी प्रतिनिधि शामिल रहे।















