*संवाददाता- जाकिर अली*
गोरखपुर। नगर के गोरखनाथ स्थित पुराना गोरखपुर क्षेत्र में इस्लामिक शिक्षाओं के प्रचार-प्रसार और कुरआन की तालीम को आम करने के उद्देश्य से एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। खुशी मैरेज हाउस के पीछे स्थित जामिया अल इसलाह एकेडमी में आयोजित इस साप्ताहिक ‘दर्स-ए-क़ुरआन’ में क्षेत्र की महिलाओं और छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए विद्वानों ने क़ुरआन की आयतों की व्याख्या की और उसे जीवन में उतारने पर ज़ोर दिया। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य खैरुकुम मन तअल्लमल क़ुरआना व अल्लमहु (तुममें सबसे बेहतर वो है जो क़ुरआन सीखे और दूसरों को सिखाए) के संदेश को जन-जन तक पहुँचाना है। इस्लामी तौर-तरीकों पर चर्चा दर्स के दौरान बताया गया कि क़ुरआन सिर्फ पढ़ने की किताब नहीं, बल्कि जीवन जीने का एक मुकम्मल तरीका है। महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा गया कि एक शिक्षित और नेक महिला पूरे परिवार को सही रास्ता दिखा सकती है। विशेष कर बच्चों तालीम दिला सकती है। कार्यक्रम में मौजूद अकीदतमंदों को सुन्नत और शरीयत के दायरे में रहकर अपनी ज़िन्दगी गुज़ारने की अपील की गई। वही दर्स-ए-क़ुरआन’ प्रत्येक रविवार दोपहर 03:30 बजे से आयोजित किया जाता है। स्थानीय लोगों ने एकेडमी की इस पहल की सराहना की है, जिससे समाज में भ्रांतियां दूर हो रही हैं और लोग अपने धर्म की सही शिक्षाओं से जुड़ रहे हैं। इस अवसर पर एकेडमी के ज़िम्मेदार और भारी संख्या में स्थानीय मां, बहनें, मौजूद रहीं।















