- सड़क सुरक्षा बैठक में गजेंद्र कुमार का कड़ा रुख, अधिकारियों को दिए ‘फील्ड’ में उतरने के आदेश
संवाददाता- जाकिर अली
गोरखपुर। सड़क सुरक्षा का मतलब सिर्फ नियम बनाना नहीं, बल्कि जनता की जान बचाना है। इस कड़े संदेश के साथ एडीएम सिटी गजेंद्र कुमार ने जिले के ट्रैफिक, परिवहन और शिक्षा विभाग के आला अफसरों की क्लास ली। कलेक्ट्रेट में हुई मासिक बैठक में एडीएम सिटी ने दो टूक शब्दों में कहा कि अब कागजी दावों से काम नहीं चलेगा, जमीनी स्तर पर बदलाव दिखना चाहिए। ट्रैफिक नियम तोड़े तो लगेगा तगड़ा झटकाएडीएम सिटी ने ट्रैफिक पुलिस को फ्री-हैंड देते हुए कहा कि शहर के हर प्रमुख चौराहे पर सघन चेकिंग अभियान चलाया जाए। हेलमेट न पहनने वालों और सीट बेल्ट की अनदेखी करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाए। स्कूली बच्चों की सुरक्षा, परिवहन विभाग को सभी स्कूल बसों की सघन चेकिंग के निर्देश दिए गए हैं। बिना फिटनेस सर्टिफिकेट के कोई भी स्कूली वाहन सड़क पर नहीं दिखेगा। ब्लैक स्पॉट पर प्रहार, जिन जगहों पर बार-बार हादसे होते हैं, वहां तुरंत स्पीड ब्रेकर, रिफ्लेक्टर और लाइटिंग की व्यवस्था की जाएगी। लाइसेंसिंग में सख्ती, ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया को इतना कड़ा किया जाएगा ताकि कोई भी अयोग्य व्यक्ति स्टीयरिंग न थाम सके। शिक्षा विभाग को जिम्मेदारी सौंपते हुए उन्होंने कहा कि युवाओं को ट्रैफिक सेंस सिखाने के लिए कॉलेजों में विशेष अभियान चलाए जाएं। एडीएम सिटी ने सख्त लहजे में चेतावनी दी कि अधिकारी एसी कमरों से बाहर निकलकर फील्ड में उतरें, लापरवाही मिलने पर सीधी कार्रवाई की जाएगी।















