- रामगढ़ ताल जैसा दिखेगा नया टूरिस्ट स्पॉट, उत्तरी क्षेत्र के लोगों को मिली बड़ी सौगात*।
*संवाददाता- जाकिर अली*
गोरखपुर: महानगर के उत्तरी इलाके के निवासियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। अब रामगढ़ ताल की खूबसूरती का लुत्फ उठाने के लिए शहर के दूसरे कोने तक दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। सरकार ने लगभग 400 एकड़ में फैले प्राकृतिक चिलूवाताल को पर्यटन के एक चमचमाते केंद्र के रूप में विकसित कर दिया है। हाल ही में 20.35 करोड़ रुपये की लागत से पूरे हुए विकास कार्यों का भव्य लोकार्पण किया गया। इस ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत चिलूवाताल को ठीक रामगढ़ ताल की तर्ज पर संवारा गया है। लोकार्पण से पहले अधिकारियों ने नवनिर्मित भजन संध्या भवन का जायजा लिया और परिसर में हरियाली बढ़ाने के लिए पौधरोपण भी किया। बता दें कि यह ताल हर साल आने वाले साइबेरियन पक्षियों के लिए मशहूर है। इस नए बदलाव से न सिर्फ टूरिज्म को नई ऊंचाई मिलेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए रास्ते भी खुलेंगे। रामगढ़ ताल भूल जाइए! ₹20 करोड़ से सज-धज कर तैयार हुआ चिलूवाताल’ साइबेरियन पक्षियों के इस बसेरे में अब दिखेगी रौनक, रोजगार को मिलेगा पर्यटन मानचित्र पर एक और नया अध्याय जुड़ गया है। शहर का उत्तरी क्षेत्र अब सैलानियों के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है, क्योंकि चिलूवाताल का कायाकल्प हो चुका है। ₹20.35 करोड़ की भारी-भरकम लागत से तैयार इस नए पर्यटन केंद्र का आधिकारिक तौर पर लोकार्पण कर दिया गया है। जो लोग दूरी की वजह से रामगढ़ ताल नहीं जा पाते थे,फॉर्मल और कड़क चिलूवाताल पर्यटन परियोजना का लोकार्पण, ₹20.35 करोड़ से संवरी उत्तरी क्षेत्र की सूरत 400 एकड़ में फैला प्राकृतिक ताल बना नया आकर्षण, स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को मिलेगी रफ्तार।















