*किरन शर्मा
वाराणसी। बाल श्रम विरोधी दिवस के अवसर पर डेयर (DARE) द्वारा शुक्रवार को कैंट रेलवे स्टेशन प्लेटफॉर्म संख्या 1 के बाहर एक जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। रैली का उद्देश्य आमजन को बाल श्रम के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के लिए प्रेरित करना था। डेयर संस्था वर्ष 2010 से वाराणसी के प्रमुख रेलवे स्टेशनों—कैंट, सिटी, काशी, सारनाथ, बनारस एवं शिवपुर—के आसपास रहने वाले गरीब, कूड़ा बीनने वाले, भीख मांगने वाले तथा लावारिस बच्चों के बचाव, पुनर्वास एवं शिक्षा के क्षेत्र में कार्य कर रही है। संस्था इन बच्चों के लिए अनौपचारिक शिक्षा केंद्र भी संचालित करती है, जहां प्रतिदिन लगभग 250 से 300 बच्चे शिक्षा ग्रहण करते हैं। संस्था के अनुसार, शिक्षा केंद्रों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले बच्चों का विद्यालयों में नामांकन कराया जाता है। अब तक संस्था द्वारा लगभग 250 बच्चों को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ा जा चुका है, जिससे उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आया है। बाल श्रम विरोधी दिवस के अवसर पर आयोजित रैली में करीब 100 बच्चों ने भाग लिया। बच्चों ने लोगों से बाल श्रम को बढ़ावा न देने तथा प्रत्येक बच्चे को शिक्षा का अवसर प्रदान करने की अपील की। रैली के सफल आयोजन में रेलवे स्टेशन निदेशक, रेलवे सुरक्षा बल (RPF) तथा जीआरपी का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ। कार्यक्रम में डेयर संस्था के निदेशक फा. रोबिन, शिशुगृह अधीक्षिका सिस्टर मंजू तथा संस्था के अन्य कर्मचारी भी उपस्थित रहे। संस्था के प्रतिनिधियों ने कहा कि बच्चों का भविष्य सुरक्षित करने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को बाल श्रम के विरुद्ध एकजुट होकर कार्य करना होगा तथा शिक्षा को हर बच्चे का अधिकार सुनिश्चित करना होगा।















