- ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत की धनराशि को निजी खाते में हस्तांतरण करने का लगाया आरोप
कानपुर देहात। राजपुर ब्लाक क्षेत्र के हरिहरपुर ग्राम प्रधान पर ग्रामीणों ने सरकारी पैसे का दुर्पयोग और राज्य वित्त मनरेगा पंचम वित्त से कराए गए विकास कार्यों का भुगतान निजी खाते में करने का आरोप लगाकर डीएम से कार्यवाही की गुहार लगाई। डीएम के निर्देश पर डीपीआरओ ने मामले की जांच शुरू कराई है। हरिहरपुर गांव निवासी सुशील कुमार, मंगल सिंह, अशोक कुमार, धनीराम, देवेन्द्र आदि ने शनिवार को सिकंदरा तहसील समाधान दिवस में शिकायती पत्र देकर बताया कि ग्राम प्रधान रानी वीरमती ने अपने पांच बर्षीय कार्यकाल में ग्राम पंचायत में कराए गए विभिन्न मदों के जरिए विकास कार्यों में नियम विरुद्ध अपने निजी खातों में धनराशि का भुगतान कर लिया। इस संबंध में ग्रामीणों ने 16 मई को पूर्व में शिकायत भी कराई जा चुकी है। जिसमें डीपीआरओ विकास पटेल ने ग्राम प्रधान रानी वीरमती के अलावा ग्राम पंचायत में तैनात रहे सचिव अंकित, विपिन, चंद्रजीत, छत्रपाल सिंह को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया जा चुका है। हालांकि रसूखदार ग्राम प्रधान पर कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई। ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम पंचायत में पिछले पांच वर्षों में कोई भी खुली बैठक आयोजित नहीं की गई। आरोप है कि मनरेगा व अन्य मदों के जरिए कराए गए विकास कार्यों का भुगतान नियम विरुद्ध अपने निजी खातों में ट्रांसफर करवा दिया गया। इसके अलावा ग्राम प्रधान के पुत्र अनुपम कुमार ने एक सचिव को शराब पिलाकर नशे की हालत में डोंगल का उपयोग कर बड़ी धनराशि हस्तांतरित कर ली गई। प्रधान की तीनों पुत्रों के अलावा पारिवारिक लोगों के जाब कार्ड बनाकर सरकारी धन का दुर्पयोग किया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि भ्रष्ट्राचार में लिप्त ग्राम प्रधान के खिलाफ पूर्व में बीडीओ, डीपीआरओ, मनरेगा विभाग के अलावा सीडीओ से शिकायत कर जांच के बाद कार्रवाई की मांग की गई। हालांकि अफसरों ने एक नोटिस जारी कर दोबारा रिमांडर तलब करना भी मुनासिब नहीं समझा है। ग्रामीणों ने डीएम कपिल सिंह को शिकायती पत्र देकर कार्यवाही की गुहार लगाई है। मामले में राजपुर बीडीओ प्रदीप कुमार ने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है। जिले स्तर पर जांच प्रस्तावित है।















