नई दिल्ली। यूरोप में मंगलवार को हवाई सुरक्षा को लेकर उस समय हड़कंप मच गया, जब कम से कम चार यात्री विमानों को बम से उड़ाने की धमकियां मिलीं। धमकी मिलने के बाद संबंधित सुरक्षा एजेंसियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए विमानों की आपात लैंडिंग कराने का फैसला किया। इसके तहत पोलैंड, स्पेन और बुल्गारिया में इन विमानों को सुरक्षित उतारा गया। राहत की बात यह रही कि चारों विमान बिना किसी दुर्घटना के सुरक्षित लैंड कर गए। घटना के बाद संबंधित हवाई अड्डों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और विमानों की जांच के लिए आतंकवाद-रोधी दस्तों तथा पुलिस की टीमों को तुरंत तैनात किया गया। अचानक मिली इन धमकियों के कारण हवाई अड्डों पर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं। विमान में सवार यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आपातकालीन प्रक्रिया अपनाई गई। बम की धमकी मिलने के बाद किसी भी तरह का जोखिम नहीं उठाया गया और विमानों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत सुरक्षित स्थानों पर उतारने की व्यवस्था की गई। यूरोप के तीन देशों में हुई इस कार्रवाई ने विमानन सुरक्षा से जुड़े सवालों को फिर चर्चा में ला दिया है। हालांकि, शुरुआती जानकारी के अनुसार चारों विमानों की सुरक्षित लैंडिंग हो गई और किसी बड़े हादसे की सूचना नहीं है।
तीन देशों में कराई गई विमानों की इमरजेंसी लैंडिंग
मंगलवार को मिली बम धमकियों के बाद पोलैंड, स्पेन और बुल्गारिया में विमानों की आपात लैंडिंग कराई गई। अलग-अलग उड़ानों से संबंधित धमकियों को सुरक्षा एजेंसियों ने गंभीरता से लिया। विमानन सुरक्षा से जुड़े नियमों के अनुसार, जब किसी विमान में विस्फोटक होने की आशंका जताई जाती है तो तत्काल सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किया जाता है। इस प्रक्रिया में विमान के पायलट, एयर ट्रैफिक कंट्रोल और सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित किया जाता है। इसके बाद विमान को ऐसे हवाई अड्डे पर उतारने की व्यवस्था की जाती है, जहां आपातकालीन सेवाएं और सुरक्षा दल उपलब्ध हों। यूरोप में हुई इन घटनाओं के दौरान भी संबंधित एजेंसियों ने इसी तरह की सावधानी बरती। विमानों को सुरक्षित उतारने के बाद उनकी तलाशी और जांच की व्यवस्था की गई। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में चारों विमानों की लैंडिंग को लेकर किसी तरह की दुर्घटना या नुकसान की खबर नहीं है।
आतंकवाद-रोधी दस्ते और पुलिस की टीमें तैनात
विमानों के सुरक्षित उतरने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने जांच अभियान शुरू किया। इसके लिए आतंकवाद-रोधी दस्तों और स्थानीय पुलिस को तत्काल तैनात किया गया। जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना था कि विमानों को मिली धमकियों में कितनी सच्चाई है और क्या उनमें वास्तव में कोई विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु मौजूद है। बम की धमकी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां आमतौर पर विमान के अंदर मौजूद सामान, यात्रियों के सामान रखने वाले स्थानों, सीटों के आसपास और अन्य संवेदनशील हिस्सों की जांच करती हैं। इसके अलावा विमान के आसपास के क्षेत्र को भी सुरक्षित किया जाता है, ताकि जांच के दौरान किसी तरह का खतरा न रहे। ऐसी परिस्थितियों में बम निरोधक दस्तों की भूमिका भी महत्वपूर्ण होती है। संदिग्ध वस्तु मिलने पर विशेषज्ञ उपकरणों की मदद से उसकी जांच करते हैं। हालांकि, इस मामले में अब तक किसी विस्फोटक की बरामदगी या धमकी की पुष्टि को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
यात्रियों की सुरक्षा को दी गई प्राथमिकता
विमान में बम होने की धमकी मिलने पर सबसे बड़ी चुनौती यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा सुनिश्चित करना होती है। उड़ान के दौरान ऐसी सूचना मिलने पर पायलट और संबंधित सुरक्षा एजेंसियों को तेजी से निर्णय लेना पड़ता है। किसी भी संभावित खतरे को देखते हुए विमान को सुरक्षित स्थान पर उतारना प्राथमिकता होती है। यूरोप में हुई इन घटनाओं में भी चारों विमानों की सुरक्षित लैंडिंग को सबसे बड़ी राहत माना जा रहा है। आपात लैंडिंग के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने जांच की प्रक्रिया शुरू की, ताकि यात्रियों को किसी तरह के खतरे से बचाया जा सके। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि विमानों में कितने यात्री सवार थे और धमकियां किस माध्यम से भेजी गई थीं। इसी तरह यह भी स्पष्ट नहीं है कि चारों धमकियों के पीछे एक ही स्रोत था या अलग-अलग लोगों ने ये संदेश भेजे थे।
बम धमकियों के बाद विमानन सुरक्षा पर फिर चर्चा
हवाई जहाजों को बम से उड़ाने की धमकी देना गंभीर सुरक्षा मामला माना जाता है। ऐसी सूचना मिलने पर संबंधित देश की विमानन सुरक्षा एजेंसियां तत्काल सक्रिय हो जाती हैं। धमकी वास्तविक हो या फर्जी, सुरक्षा एजेंसियों के लिए हर सूचना की जांच करना जरूरी होता है। किसी विमान को आपात स्थिति में उतारने के बाद उसकी विस्तृत तलाशी की जाती है। इस दौरान यात्रियों को सुरक्षित स्थान पर रखने और विमान के आसपास अनावश्यक आवाजाही रोकने जैसे कदम उठाए जा सकते हैं। इसके अलावा धमकी भेजने वाले व्यक्ति या समूह का पता लगाने के लिए तकनीकी जांच भी की जाती है। यूरोप में मंगलवार को हुई घटनाओं में एक साथ चार यात्री विमानों को निशाना बनाए जाने की सूचना ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ाई है। पोलैंड, स्पेन और बुल्गारिया में आपात लैंडिंग कराए जाने के बाद संबंधित अधिकारियों के सामने अब धमकियों के स्रोत का पता लगाने की चुनौती है।
धमकियों के पीछे कौन, जांच के बाद होगा खुलासा
चार यात्री विमानों को बम से उड़ाने की धमकियां किसने दीं और उनका उद्देश्य क्या था, यह अभी स्पष्ट नहीं है। जांच एजेंसियां इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि धमकियां किसी संगठित साजिश का हिस्सा थीं या अलग-अलग घटनाएं थीं। यदि जांच में धमकियां फर्जी पाई जाती हैं, तब भी जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का रास्ता खुल सकता है। विमानन सुरक्षा से जुड़े मामलों में इस तरह की धमकियां यात्रियों की जान जोखिम में डालने के साथ-साथ हवाई यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को भी प्रभावित करती हैं। फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम में सबसे राहत की बात यही है कि चारों विमान सुरक्षित उतर गए। किसी बड़े हादसे की सूचना नहीं है और सुरक्षा एजेंसियों ने तत्काल जांच शुरू कर दी है। कुल मिलाकर, यूरोप में मंगलवार को चार यात्री विमानों को मिली बम धमकियों ने कई देशों की सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया। पोलैंड, स्पेन और बुल्गारिया में विमानों की आपात लैंडिंग कराई गई। आतंकवाद-रोधी दस्तों और पुलिस की तैनाती के बाद अब जांच का फोकस धमकियों के स्रोत और उनकी वास्तविकता का पता लगाने पर है।















