नई दिल्ली। भारत के खिलाफ ऑकलैंड के ईडन पार्क में खेले गए पहले वनडे मुकाबले में हार के बाद न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सैंटनर ने पिच के व्यवहार पर सवाल उठाए हैं। सैंटनर का मानना है कि मैदान पर उम्मीद से ज्यादा उछाल देखने को मिला, जिसके कारण न्यूजीलैंड के बल्लेबाज परिस्थितियों के अनुरूप खुद को ढाल नहीं सके। मेजबान टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए 185 रन पर सिमट गई और बड़ा स्कोर खड़ा करने में नाकाम रही। सैंटनर के बयान से साफ है कि न्यूजीलैंड की टीम मुकाबले में पिच से मिलने वाली मदद का सही आकलन नहीं कर सकी। ईडन पार्क की परिस्थितियों को देखते हुए बल्लेबाजों को जिस तरह की चुनौती का अंदाजा था, वास्तविक स्थिति उससे अलग रही। अतिरिक्त उछाल के कारण शॉट खेलने और पारी को संभालने में परेशानी हुई। हालांकि, पिच को हार की वजह बताने के साथ यह सवाल भी अहम है कि न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों ने मुश्किल परिस्थितियों में अपनी रणनीति को किस हद तक बदला।
पिच पर ज्यादा उछाल ने बिगाड़ी न्यूजीलैंड की रणनीति
मैच के बाद सैंटनर ने स्वीकार किया कि ईडन पार्क की पिच सामान्य से अधिक तेज थी और गेंद में अतिरिक्त उछाल भी देखने को मिला। न्यूजीलैंड के बल्लेबाज इस बदलाव के लिए पूरी तरह तैयार नहीं थे। उन्होंने माना कि उनकी टीम परिस्थितियों के अनुसार उतनी तेजी से खुद को ढाल नहीं सकी, जितनी जरूरत थी। सैंटनर ने भारतीय गेंदबाजों की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने पिच की परिस्थितियों का बेहतर इस्तेमाल किया। ईडन पार्क में अतिरिक्त उछाल का सामना करना बल्लेबाजों के लिए आसान नहीं था। खासकर जब गेंद तेजी से बल्ले तक पहुंच रही हो और उसमें उछाल भी ज्यादा हो, तो बल्लेबाजों को अपने शॉट खेलने के तरीके में बदलाव करना पड़ता है। न्यूजीलैंड के खिलाड़ी इस चुनौती का प्रभावी जवाब नहीं दे सके। भारतीय तेज गेंदबाजों ने सही लाइन और लेंथ के साथ गेंदबाजी करते हुए मेजबान टीम को लगातार दबाव में रखा। सैंटनर के मुताबिक, बारिश के बाद पिच पर गेंद कुछ तेजी से आने लगी थी। ऐसे में बल्लेबाजों के लिए गेंद की गति और उछाल का अंदाजा लगाना चुनौतीपूर्ण हो गया। उन्होंने यह भी माना कि भारतीय खिलाड़ियों ने इन परिस्थितियों को बेहतर तरीके से समझा और उसी के अनुसार अपनी रणनीति बनाई।
भारतीय तेज गेंदबाजों ने किया शानदार प्रदर्शन
न्यूजीलैंड की पारी को 185 रन पर समेटने में भारतीय तेज गेंदबाजों की अहम भूमिका रही। अर्शदीप सिंह ने सबसे प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए चार विकेट हासिल किए। वहीं गुरनूर बराड़ ने तीन और अंशुल कंबोज ने दो विकेट लेकर न्यूजीलैंड की बल्लेबाजी को झकझोर दिया। भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआत से ही दबाव बनाए रखा और मेजबान टीम को बड़ी साझेदारियां करने का मौका नहीं दिया। अंशुल कंबोज ने भी पिच से मिल रहे उछाल और गति का अच्छा इस्तेमाल किया। उन्होंने 10 ओवर में 22 रन देकर दो विकेट हासिल किए। उनका प्रदर्शन इसलिए भी महत्वपूर्ण रहा, क्योंकि उन्होंने लगातार सही लाइन और लेंथ पर गेंदबाजी की। कंबोज को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। गुरनूर बराड़ ने भी अपनी गेंदबाजी से प्रभावित किया। उन्होंने नौ ओवर से अधिक गेंदबाजी करते हुए तीन विकेट झटके। अर्शदीप सिंह ने चार विकेट लेकर न्यूजीलैंड के मध्यक्रम और निचले क्रम को संभलने का मौका नहीं दिया। भारतीय गेंदबाजों के सामूहिक प्रदर्शन के सामने न्यूजीलैंड की टीम निर्धारित ओवर पूरे होने से पहले ही 185 रन पर ऑलआउट हो गई।
टिम सीफर्ट और ग्लेन फिलिप्स ने संभालने की कोशिश की
न्यूजीलैंड की पारी में टिम सीफर्ट ने सबसे ज्यादा 38 रन बनाए। उन्होंने 43 गेंदों का सामना करते हुए अपनी टीम को कुछ हद तक संभालने की कोशिश की। ग्लेन फिलिप्स ने भी 51 गेंदों पर 30 रन बनाए। दोनों बल्लेबाजों से टीम को बड़ी साझेदारी की उम्मीद थी, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने उन्हें खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। न्यूजीलैंड के लिए ब्लेयर टिकनर ने आखिर में तेजी से रन बनाने की कोशिश की। उन्होंने केवल 23 गेंदों पर 34 रन की पारी खेली, जिसमें चार छक्के शामिल रहे। उनकी इस पारी से न्यूजीलैंड का स्कोर 185 रन तक पहुंच सका। अगर निचले क्रम से यह योगदान नहीं मिलता, तो टीम का स्कोर इससे भी कम रह सकता था। दूसरी ओर, भारतीय गेंदबाजों ने पूरी पारी के दौरान दबाव बनाए रखा। विकेट नियमित अंतराल पर गिरते रहे और न्यूजीलैंड की टीम बड़ा स्कोर बनाने की स्थिति में नहीं पहुंच सकी। सैंटनर खुद भी बल्ले से ज्यादा योगदान नहीं दे पाए और केवल चार रन बनाकर पवेलियन लौट गए।
सैंटनर ने गेंदबाजों के प्रयास की भी की तारीफ
भले ही न्यूजीलैंड की बल्लेबाजी उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी, लेकिन सैंटनर ने अपनी टीम के तेज गेंदबाजों के प्रयास की सराहना की। उनका कहना था कि भारत ने लक्ष्य का पीछा करते हुए अच्छी शुरुआत की थी, लेकिन न्यूजीलैंड के गेंदबाजों ने मुकाबले में वापसी करने की कोशिश की। सैंटनर ने माना कि ऐसी स्थिति में टीम के लिए मुकाबले से पूरी तरह बाहर हो जाना आसान था, लेकिन गेंदबाजों ने हार मानने के बजाय लगातार प्रयास जारी रखा। उन्होंने तेज गेंदबाजों को श्रेय देते हुए कहा कि उन्होंने अच्छी शुरुआत के बाद भी भारतीय बल्लेबाजों को खुलकर खेलने से रोकने की कोशिश की। उनके इस बयान से संकेत मिलता है कि न्यूजीलैंड की टीम बल्लेबाजी में मिली नाकामी के बावजूद गेंदबाजी के प्रदर्शन से कुछ सकारात्मक पहलू तलाश रही है। कप्तान के मुताबिक, मुकाबले के आखिरी हिस्से में उनकी टीम ने कुछ ऐसी बातें सीखीं, जिनका इस्तेमाल आगे के मैचों में किया जा सकता है।
विराट कोहली और शुभमन गिल ने भारत को दिलाई जीत
185 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को भी बारिश के कारण बदले हुए लक्ष्य के साथ बल्लेबाजी करनी पड़ी। बारिश से प्रभावित मुकाबले में भारत को डकवर्थ-लुईस पद्धति के तहत 32 ओवर में 143 रन का लक्ष्य मिला। भारतीय टीम ने 22.4 ओवर में पांच विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया और पांच विकेट से जीत दर्ज की। भारत की जीत में विराट कोहली और कप्तान शुभमन गिल की बल्लेबाजी निर्णायक रही। कोहली ने 51 गेंदों पर 74 रन की शानदार पारी खेली। उन्होंने अपनी पारी में 13 चौके और एक छक्का लगाया। वहीं शुभमन गिल ने 37 गेंदों पर 56 रन बनाकर उनका अच्छा साथ दिया। दोनों बल्लेबाजों के बीच हुई महत्वपूर्ण साझेदारी ने भारत को जीत की स्थिति में पहुंचा दिया। हालांकि, न्यूजीलैंड ने बाद में वापसी की कोशिश की। जैकब डफी ने विराट कोहली और अक्षर पटेल को एक ही ओवर में आउट कर भारतीय टीम पर दबाव बनाने का प्रयास किया। लेकिन केएल राहुल और नमन धीर ने नाबाद रहते हुए टीम को लक्ष्य तक पहुंचा दिया। इस जीत के साथ भारत ने पांच मैचों की वनडे सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। मुकाबले में भारतीय तेज गेंदबाजों ने जिस तरह पिच का फायदा उठाया, वह न्यूजीलैंड के लिए चिंता का विषय रहा। वहीं भारतीय बल्लेबाजों ने भी मुश्किल परिस्थितियों में संयम और आक्रामकता का अच्छा संतुलन दिखाया।
अगले मुकाबले में न्यूजीलैंड के सामने वापसी की चुनौती
पहले वनडे में हार के बाद न्यूजीलैंड की टीम के सामने अगले मुकाबले में अपनी गलतियों को सुधारने की चुनौती होगी। खास तौर पर बल्लेबाजों को अतिरिक्त उछाल और तेज गति वाली गेंदों के खिलाफ बेहतर तैयारी करनी होगी। सैंटनर ने भी संकेत दिया है कि टीम इस मैच से मिली सीख को आगे इस्तेमाल करना चाहेगी। न्यूजीलैंड के लिए सबसे जरूरी होगा कि बल्लेबाज परिस्थितियों को समझकर अपनी रणनीति बनाएं। केवल पिच को जिम्मेदार ठहराने से परिणाम नहीं बदलेगा। टीम को यह भी देखना होगा कि भारतीय गेंदबाजों ने किस तरह सही लाइन और लेंथ के साथ दबाव बनाया और बल्लेबाजों को गलतियां करने पर मजबूर किया। भारत और न्यूजीलैंड के बीच दूसरा वनडे 7 नवंबर को वेलिंगटन में खेला जाएगा। इस मुकाबले में न्यूजीलैंड की टीम सीरीज में वापसी करने के इरादे से उतरेगी, जबकि भारतीय टीम अपनी बढ़त को मजबूत करना चाहेगी। ईडन पार्क में मिली हार के बाद सैंटनर और उनकी टीम के लिए यह मुकाबला काफी अहम होगा।















