– अधिवक्ता मोहम्मद आसिफ ने रखे मजबूत तर्क
फतेहपुर। थाना ललौली क्षेत्र में दर्ज दुष्कर्म के एक मामले में अदालत ने आरोपी को सशर्त जमानत प्रदान कर दी है। यह आदेश अपर सत्र न्यायाधीश/एफटीसी (पॉक्सो) न्यायालय संख्या-01 द्वारा 13 जनवरी 2026 को पारित किया गया। मामला मुकदमा अपराध संख्या 368/2025 से संबंधित है, जिसमें आरोपी के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 69, 87, 351(2) एवं आईटी एक्ट के तहत आरोप दर्ज थे। अभियोजन के अनुसार पीड़िता ने आरोपी पर शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण करने का आरोप लगाया था। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने पीड़िता के बयान, चिकित्सकीय रिपोर्ट, आयु संबंधी अभिलेख एवं अन्य साक्ष्यों का अवलोकन किया। न्यायालय ने पाया कि पीड़िता के विभिन्न बयानों में घटना की तिथि, परिस्थितियों एवं घटनाक्रम को लेकर विरोधाभास हैं। वहीं मेडिकल रिपोर्ट से भी आरोपों की स्पष्ट पुष्टि नहीं हो सकी। अदालत ने यह भी उल्लेख किया कि पीड़िता की आयु से संबंधित दस्तावेजों में भी भिन्नता पाई गई, जिससे अभियोजन पक्ष के कथन संदेह के घेरे में आ जाते हैं। इन सभी तथ्यों को दृष्टिगत रखते हुए न्यायालय ने आरोपी को सशर्त जमानत पर रिहा करने का आदेश पारित किया। आरोपी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मोहम्मद आसिफ एडवोकेट ने पैरवी की। उन्होंने न्यायालय के समक्ष तथ्यात्मक एवं कानूनी पक्षों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करते हुए पीड़िता के बयानों, मेडिकल रिपोर्ट एवं आयु संबंधी अभिलेखों में मौजूद विरोधाभासों को स्पष्ट रूप से रेखांकित किया। उनके सशक्त तर्कों से प्रभावित होकर न्यायालय ने मामले को जमानत योग्य मानते हुए आरोपी को सशर्त जमानत प्रदान की।














