हमीरपुर | बुंदेलखंड के हमीरपुर जनपद में ओवरलोड मौरंग के खिलाफ कार्रवाई को लेकर चर्चा में आईं बीजेपी जिलाध्यक्ष शकुंतला निषाद का मामला अब नया मोड़ लेता नजर आ रहा है। परिवहन विभाग की जांच आख्या रिपोर्ट सामने आने के बाद पूरे घटनाक्रम पर सवाल खड़े हो गए हैं। बीते रोज देर रात बीजेपी जिलाध्यक्ष शकुंतला निषाद ने अपने कार्यकर्ताओं के साथ बिवार–जलालपुर मार्ग पर करीब 15 ट्रकों को ओवरलोड होने के शक में रुकवाया था और प्रशासन के हवाले किया था। उस समय इसे सख्त और बड़ी कार्रवाई के तौर पर देखा गया। लेकिन जांच रिपोर्ट आने के बाद तस्वीर बदल गई। परिवहन विभाग की जांच में सभी ट्रक क्षमता के अनुसार अंडरलोड पाए गए, जबकि 14 वाहनों के कागजात भी पूरी तरह सही मिले। रिपोर्ट के अनुसार केवल एक वाहन को आवश्यक दस्तावेजों के अभाव में सीज किया गया है। जांच रिपोर्ट के बाद यह मामला अब सियासी चर्चा का विषय बन गया है। विपक्ष इसे मुद्दा बनाने की तैयारी में है, वहीं राजनीतिक गलियारों में भी इस कार्रवाई को लेकर सवाल उठने लगे हैं। चुनावी माहौल के बीच इस घटनाक्रम को लेकर पार्टी की छवि पर असर पड़ने की चर्चा भी तेज है। फिलहाल प्रशासन की रिपोर्ट के बाद पूरे मामले पर नजर बनी हुई है, वहीं इस पूरे घटनाक्रम ने स्थानीय स्तर पर नेतृत्व की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।














