- शुभम सेठ “गोलू” ने जिला मुख्यालय पर बनाई ‘झालमुड़ी’, स्वर्ण व्यापार में गिरावट पर जताई गंभीर चिंता
वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देशवासियों से सोना न खरीदने की अपील के विरोध में आज वाराणसी के जिला मुख्यालय पर स्वर्णकार समाज ने एक अनोखा और प्रभावशाली प्रदर्शन किया। शुभम सेठ “गोलू” के नेतृत्व में सैकड़ों स्वर्णकारों, व्यापारियों और कारीगरों ने पारंपरिक आभूषण निर्माण के औजारों के स्थान पर हाथों में झालमुड़ी के डिब्बे लेकर प्रतीकात्मक रूप से झालमुड़ी बेचकर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन का उद्देश्य सरकार और समाज का ध्यान स्वर्ण व्यापार में लगातार आ रही गिरावट, दुकानों पर घटती ग्राहकों की संख्या तथा इससे प्रभावित हजारों कारीगर परिवारों की आर्थिक बदहाली की ओर आकर्षित करना था। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि सरकार की नीतियां और इस प्रकार के बयान जारी रहे तो, सदियों पुरानी स्वर्णकारी कला से जुड़े कारीगरों को अपना व्यवसाय छोड़कर छोटे-मोटे काम करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
इस दौरान शुभम सेठ “गोलू” द्वारा बनाई गई झालमुड़ी को जनता ने उत्साहपूर्वक खरीदा और स्वर्णकार समाज के संघर्ष को समर्थन दिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि स्वर्ण व्यापार केवल व्यवसाय नहीं, बल्कि लाखों परिवारों की आजीविका और भारत की सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा है। लगातार घटते व्यापार से गरीब कारीगरों और उनके परिवारों के सामने रोज़ी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा कि आज का यह प्रदर्शन सरकार के लिए एक चेतावनी है। स्वर्णकार समाज अपने अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेगा। उपस्थित व्यापारियों और कारीगरों ने एक स्वर में मांग की कि सरकार स्वर्ण व्यवसाय को प्रभावित करने वाले जनविरोधी बयानों और नीतियों को तत्काल प्रभाव से वापस ले तथा इस उद्योग से जुड़े लाखों लोगों के हितों की रक्षा करे। कार्यक्रम में स्थानीय सर्राफा व्यापारियों, स्वर्ण कारीगरों और समाज के गणमान्य लोगों की बड़ी संख्या में सहभागिता रही। प्रदर्शन शांतिपूर्ण लेकिन अत्यंत प्रभावशाली रहा, जिसने आम जनता का ध्यान स्वर्णकार समाज की समस्याओं और उनकी पीड़ा की ओर आकर्षित किया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से सूरज दयाल सेठ ,किशन सेठ, मुकुंद सेठ ,सुनीति सिंह, राज सेठ ,विशाल सेठ, चेतन सोनी, विष्णु दयाल, सेठ सुजीत, सेठ संदीप सेठ पिंडरा सुभाष सेठ ,सुरेंद्र सेठ इत्यादि तमाम लोग शामिल रहे।














