अभिनंदन मोर्चा
संवाददाता मोहम्मद कमर
लखीमपुर खीरी। बज़्म फ़रोगे अदब की जानिब से हर महीने होने वाले तरही मुशायरे की फेहरिस्त में 21वां मुशायरा मुकम्मल हुआ। मुशायरे की सदारत बज़्म फ़रोगे अदब के सदर आमिर रज़ा ने और निज़ात इलियास चिश्ती ने की। इस दौरान अपने सदारती खिताब में बज़्म फ़रोगे अदब के सदर आमिर रज़ा पम्मी ने कहा कि बज़्म फ़रोगे अदब जिस तरह से अदब की दुनियां में काम कर रही है मुस्तक़बिल में भी इसी तरह से काम करती रहेगी और जल्द ही खीरी में बड़ा आल इंडिया मुशायरा कराएगी। उन्होंने अपना कलाम सुनाते हुए कहा- कोई मेहमान आने वाला है,बरकतें साथ लाने वाला है। इस दौरान मुशायरे की निज़ामत कर रहे इलियास चिश्ती ने कहा -कैद होगी वफ़ा किताबों में,अब ज़माना वो आने वाला है। शायर उमर हनीफ ने कहा – सुरमा उसको मत कहो वह शख्स,जुल्म बेबस पे ढ़ाने वाला है। मंसूर महेवार ने कहा- अपने कदमों की बरकतों से वो, सहरा में गुल खिलाने वाला है। बज़्म के सिक्रेट्री और मुशायरे के कन्वीनर डॉ एहराज अरमान ने कहा कि-जिसने परमाणु बम दिया हमको, क्या वो पंचर बनाने वाला है। अय्यूब अंसार ने कहा- वो है मौला अली का दीवाना वो कहां सर झुकाने वाला है। हसन अंसारी ने कहा- इस पे ईमान है हसन मेरा, सबको रब ही खिलाने वाला है। किसी वजह से मुशायरे में न आ सके नफीस वारसी का कलाम सुनाते हुए आसिफ अंसारी ने कहा कि –
वक़्त हाथों से जाने वाला है, कोई लम्हा चुराने वाला है। मुशायरा देर रात कामयाबी के साथ मुकम्मल हुआ।















