सहारनपुर। कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित मस्जिद के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शनिवार अलसुबह कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू की गई। प्रशासन ने कलेक्ट्रेट परिसर के सभी पांचों प्रवेश द्वार सील कर दिए और बाहरी लोगों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक लगा दी। सुरक्षा व्यवस्था के लिए आरएएफ समेत बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया।
ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू होने से पहले ही जेसीबी, डंपर और अन्य मशीनों को कलेक्ट्रेट परिसर में पहुंचा दिया गया था। सुबह प्रशासन की निगरानी में मस्जिद के ढांचे को हटाने का काम शुरू किया गया। मौके पर पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
जिला जज के आदेश के बाद कार्रवाई
मस्जिद को हटाने की कार्रवाई जिला जज की अदालत के आदेश के बाद शुरू हुई। इससे पहले मामले में सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में सुनवाई हुई थी। प्रशासन के मुताबिक, अदालत ने मस्जिद को अवैध घोषित करते हुए संबंधित पक्ष पर 6.41 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था।
इस आदेश के खिलाफ मस्जिद पक्ष ने जिला जज की अदालत में अपील दाखिल की थी। मामले में करीब 17 तारीखों पर सुनवाई के बाद 2 सितंबर को जिला जज की अदालत ने सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को बरकरार रखते हुए याचिका खारिज कर दी। इसके बाद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई आगे बढ़ाई।
2025 में शुरू हुआ था विवाद
मस्जिद को लेकर विवाद की शुरुआत शिकायत के बाद हुई थी। बजरंग दल के पूर्व प्रांत संयोजक विकास त्यागी की शिकायत के बाद 24 मार्च 2025 को सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में पब्लिक प्रिमाइसेस एक्ट (पीपी एक्ट) के तहत याचिका दाखिल की गई थी।
इसके बाद मामले में सुनवाई आगे बढ़ी और 16 जुलाई 2026 को सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने मस्जिद को अवैध घोषित करते हुए जुर्माना लगाया था।
पांचों गेट किए गए सील
ध्वस्तीकरण के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में आम लोगों की एंट्री पूरी तरह बंद रही। प्रशासन ने सुरक्षा को देखते हुए पांचों गेट सील कर दिए। आसपास के इलाकों में भी पुलिस की अतिरिक्त तैनाती की गई।
स्थानीय पुलिस के साथ अन्य जिलों से भी अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। लोकल इंटेलिजेंस यूनिट और पुलिस अधिकारियों ने कार्रवाई से पहले क्षेत्र के माहौल की निगरानी की। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए बैरिकेडिंग और सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजाम किए गए।
सहारनपुर जाने से पहले सांसद इकरा हसन हाउस अरेस्ट
मामले को लेकर कैराना से सांसद इकरा हसन को सहारनपुर जाने से पहले उनके आवास पर हाउस अरेस्ट किए जाने की जानकारी सामने आई। बताया गया कि सांसद सहारनपुर जाने के लिए घर से निकल रही थीं, इसी दौरान उनके आवास पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी पहुंच गए और उन्हें बाहर जाने से रोक दिया।
हाउस अरेस्ट के बाद इकरा हसन ने कहा कि वह मस्जिद प्रकरण के संबंध में अधिकारियों से मुलाकात कर जनता की बात उनके सामने रखना चाहती थीं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या किसी निर्वाचित जनप्रतिनिधि का जनता से जुड़े मुद्दे पर अधिकारियों से मिलना भी अपराध है।
फिलहाल कलेक्ट्रेट परिसर में कड़ी सुरक्षा के बीच ध्वस्तीकरण की कार्रवाई जारी है। प्रशासन की ओर से आसपास के क्षेत्र में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।














